“केंद्रीय बजट 2026-27 से गांव–गरीब–किसान और युवाओं को मिलेगी नई ताकत: जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह”






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर,1 फरवरी 2026
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पवन सिंह ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट देश के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र कल्याण के संकल्प को साकार करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के विजन को मजबूती देने वाला है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि बजट में गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग की जरूरतों और आकांक्षाओं को केंद्र में रखा गया है। ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे जमीनी स्तर पर विकास की गति तेज होगी।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में एआई तकनीक के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने की पहल दूरगामी परिणाम देने वाली है। इससे किसानों को आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा, खेती अधिक लाभकारी बनेगी और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने बताया कि बजट में पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधान ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे। इससे गांवों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से सहकारी समितियों और संस्थाओं को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में समृद्धि लाने का प्रयास किया गया है। साथ ही ग्रामीण रोजगार और आजीविका योजनाओं पर विशेष फोकस कर सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि ग्रामीण भारत का विकास ही देश की प्रगति की कुंजी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना को लागू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खादी, हाथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे ग्रामीण कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों को नया बाजार मिलेगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
अंत में श्री पवन सिंह ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाला बजट है। यह बजट गांवों को आत्मनिर्भर बनाने, किसानों को समृद्ध करने और युवाओं को नए अवसर देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।





