बिजली कर्मचारियों की पदोन्नति में देरी से बढ़ा आक्रोश, महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी



कोरबा, त्रिनेत्र टाइम्स – छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ, जो भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है, ने विद्युत कंपनी अध्यक्ष से कर्मचारियों की लंबित पदोन्नति शीघ्र जारी करने की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जल्द जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अधिकारियों की पदोन्नति, कर्मचारियों की अनदेखी
महासंघ द्वारा विद्युत कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति एक साथ होनी चाहिए। लेकिन प्रबंधन ने केवल अधिकारियों का पदोन्नति आदेश जारी कर दिया, जबकि कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश अब तक लंबित है। इस भेदभावपूर्ण निर्णय से कर्मचारियों में गहरा असंतोष और आक्रोश उत्पन्न हो गया है।
बैठक में बनी थी सहमति, फिर भी विलंब
महासंघ के महामंत्री नवरतन बरेठ ने बताया कि हाल ही में महासंघ और कंपनी प्रबंधन के बीच बैठक हुई थी, जिसमें कर्मचारियों की पदोन्नति और अन्य मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक (औद्योगिक संबंध) ने जानकारी दी थी कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रियाधीन है और इसके लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है।
हालांकि, क्षेत्रीय कार्यालयों को पदोन्नति पैनल रिव्यू करने के लिए उचित मार्गदर्शन और कार्यशाला न मिलने के कारण इस प्रक्रिया में और देरी होने की संभावना है। इतना ही नहीं, कर्मचारियों की पदोन्नति से पहले फिर से अधिकारियों की पदोन्नति आदेश जारी किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है।
महासंघ की मांग और आंदोलन की चेतावनी
महासंघ ने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि रिक्त पदों को भरने के लिए न्यूनतम अर्हकारी में शिथिलता दी जाए। अध्यक्ष ने इस मांग को स्वीकार भी किया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। महासंघ का कहना है कि यदि पिछली पदोन्नति समय पर हो जाती, तो कई कर्मचारी इस बार पात्र होते और उनकी पदोन्नति हो जाती।
महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अधिकारियों की पदोन्नति आदेश जारी करने से पहले सभी श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जारी किया जाए, जिससे कंपनी में शांतिपूर्ण कार्य वातावरण बना रहे। यदि प्रबंधन ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो महासंघ आंदोलन करने को बाध्य होगा।



