डिग्री से नहीं, जागरूक सोच और संवाद से बनेगा सशक्त लोकतंत्र: करतला महाविद्यालय में युवाओं को मिला राष्ट्र निर्माण का संदेश
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युवा संवाद में लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों, एसआईआर और मतदाता जागरूकता पर हुई चर्चा; ईश्वर श्रीवास ने रचनात्मक चिंतन को बताया युवाओं की सबसे बड़ी पूंजी, मोंटी पटेल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। राष्ट्र का भविष्य केवल कक्षाओं में हासिल की जाने वाली डिग्रियों से नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, जागरूकता, विचारों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति उनकी सक्रियता से तय होता है। युवा जब सवाल पूछता है, विषयों को समझता है और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करता है, तभी राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार होती है। इसी उद्देश्य को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शासकीय महाविद्यालय करतला में युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और क्षेत्र के युवाओं को लोकतंत्र, मतदाता जागरूकता, सामाजिक दायित्व तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला बौद्धिक प्रमुख ईश्वर श्रीवास ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा की सबसे बड़ी पूंजी उसका रचनात्मक चिंतन है। केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन में सही दृष्टिकोण और विचारों की स्पष्टता होना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित व्यवस्था नहीं है, बल्कि इसकी मजबूती जागरूकता, विचारों के आदान-प्रदान और सार्थक संवाद से आती है। युवाओं को समाज और राष्ट्र से जुड़े विषयों को समझकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री मोंटी पटेल ने विशिष्ट अतिथि एवं वक्ता के रूप में अपने उद्बोधन में कहा कि युवा संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के विचारों, सपनों और संकल्पों को अभिव्यक्त करने का मंच है। युवा जागरूक होकर आगे बढ़ता है तो उसका प्रभाव पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब युवा शिक्षित, संस्कारित और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे यहां से प्राप्त विचारों को अपने घर, गांव और समाज तक पहुंचाएं तथा सकारात्मक बदलाव के सहभागी बनें।

एसआईआर और मतदाता सूची में पंजीकरण की दी जानकारी
संवाद के दौरान एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) यानी Special Intensive Revision के संबंध में युवाओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। वक्ताओं ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, उसकी शुद्धता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जिम्मेदारीपूर्वक भागीदारी निभाने के महत्व को समझाया। साथ ही डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले भ्रामक संदेशों और अपुष्ट जानकारियों से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। युवाओं को किसी भी सूचना पर विश्वास करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांचने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्य की पुस्तक का विमोचन, स्वामी विवेकानंद के विचारों से मिली प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मृगेश यादव ने अपनी लिखित पुस्तक ‘युवा शक्ति से राष्ट्र शक्ति तक’ सभी अतिथियों को भेंट की तथा इस अवसर पर पुस्तक का विमोचन किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों और उनके बताए मार्ग का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक चिंतन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी। उन्होंने युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने किया, जबकि महाविद्यालय के एनएसएस प्रभारी प्रो. प्रभाशंकर यादव ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के करतला मंडल अध्यक्ष आकाश गुप्ता, मंडल महामंत्री आयुष सक्सेना, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं क्षेत्र के युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान लोकतांत्रिक जागरूकता, मतदाता सूची में पंजीकरण, युवाओं की सामाजिक एवं लोकतांत्रिक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी जिम्मेदारी जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। युवा संवाद ने विद्यार्थियों को केवल विचार सुनने ही नहीं, बल्कि अपने विचार रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने का अवसर भी प्रदान किया।
