बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों में कांग्रेस का खाता नहीं खुलने का दावा, रूपकुमारी चौधरी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
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“ईवीएम, एसआईआर और वोट चोरी का मुद्दा उठाने वाली कांग्रेस अब हार की जिम्मेदारी किस पर डालेगी?” — भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष का सवाल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ईवीएम, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर लगातार सवाल उठाने वाली कांग्रेस को अब अपने चुनावी प्रदर्शन की जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए।
रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस चुनाव में हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठाती है तथा चुनावी प्रक्रिया पर संदेह जताती है। लेकिन जब मतपत्रों के जरिए चुनाव होते हैं, तब भी कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती। उन्होंने इसे राहुल गांधी और कांग्रेस की उस राजनीति पर सवाल बताया, जिसमें चुनावी हार के बाद व्यवस्था पर आरोप लगाए जाते हैं।
बैलेट पेपर पर चुनाव, फिर हार का ठीकरा किस पर फूटेगा?
भाजपा सांसद ने सवाल किया कि यदि कांग्रेस का आरोप ईवीएम को लेकर है, तो बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजों को वह किस रूप में देखेगी? क्या अब कांग्रेस अपनी हार के लिए मतपत्र, चुनाव प्रक्रिया या किसी अन्य व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराएगी? उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी नतीजों को स्वीकार करना और अपनी संगठनात्मक कमियों की समीक्षा करना राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
चौधरी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी चुनावी असफलताओं के कारणों की समीक्षा करने के बजाय चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाकर राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में ले जाने का प्रयास करती है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से आगे बढ़कर अपने संगठन, रणनीति और जनसंपर्क पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के फैसले पर भाजपा का जोर
रूपकुमारी चौधरी ने शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान करने वाले मतदाताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चुनावों में शिक्षित और जागरूक मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस को मिले चुनावी परिणाम उसके राजनीतिक दृष्टिकोण और संगठनात्मक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में केवल आरोप लगाने से सफलता नहीं मिलती। मतदाताओं का विश्वास हासिल करने के लिए मजबूत संगठन, स्पष्ट नीतियां और प्रभावी जनसंपर्क जरूरी हैं। भाजपा सांसद ने कांग्रेस को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि उसके राजनीतिक संदेश और चुनावी रणनीति मतदाताओं तक किस हद तक पहुंच पा रहे हैं।
मोदी सरकार की नीतियों पर जताया भरोसा
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा का विश्वास लोकतांत्रिक प्रक्रिया और जनता के जनादेश में है। उन्होंने गरीब कल्याण, राष्ट्रहित और सरकार की नीतियों को भाजपा के राजनीतिक दृष्टिकोण का प्रमुख आधार बताया।
चौधरी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमजोरियों और चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए। हर हार के बाद चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पार्टी की चुनौतियां दूर नहीं होंगी। लोकतंत्र में जनता का विश्वास हासिल करना और अपने काम के आधार पर समर्थन जुटाना ही राजनीतिक दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का सवाल
रूपकुमारी चौधरी के बयान ने एमएलसी चुनावों के परिणामों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को तेज करने का प्रयास किया है। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को राहुल गांधी के चुनावी विमर्श से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि मतपत्र से हुए चुनावों में भी सफलता नहीं मिलने पर कांग्रेस अपनी दलीलों की समीक्षा करेगी या फिर आरोपों की राजनीति जारी रखेगी।
भाजपा सांसद का स्पष्ट राजनीतिक संदेश है कि चुनावी हार के कारणों की जिम्मेदारी तय करने से पहले कांग्रेस को अपने संगठन, रणनीति और मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता का आकलन करना चाहिए। हालांकि, चुनावी नतीजों के आधार पर ईवीएम या बैलेट पेपर से जुड़ी व्यापक राजनीतिक बहस का अंतिम निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रत्येक चुनाव के आधिकारिक परिणामों और संबंधित परिस्थितियों को अलग-अलग देखना आवश्यक है।
