युवा शक्ति से विकसित भारत तक: ‘युवा उड़ान 2026’ में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संकल्प, राजीव गांधी ऑडिटोरियम के लिए 2 करोड़ की सौगात
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उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने युवाओं से किया आह्वान—भ्रामक सूचनाओं से बचें, शिक्षा-कौशल और मेहनत के दम पर गढ़ें अपना भविष्य; युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी किया प्रेरित
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा, 22 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को नई दिशा देने, उनकी प्रतिभा को अवसरों से जोड़ने और विकसित भारत के सपने को साकार करने के संकल्प के साथ कोरबा में ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन कोरबा के संयुक्त तत्वावधान में पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, खेल और व्यक्तित्व निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं से संवाद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने युवाओं को सकारात्मक सोच, कठिन परिश्रम और विवेक के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम परिसर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम के नवीनीकरण के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा कर जिले को महत्वपूर्ण सौगात दी।
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी, उनकी आकांक्षाओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षाविद् और विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
भ्रामक सूचनाओं से बचें युवा, विकास में निभाएं सक्रिय भूमिका : लखन लाल देवांगन
मंत्री लखन लाल देवांगन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं की सोच, क्षमता, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है। आज के दौर में युवाओं के सामने आगे बढ़ने के अनेक अवसर हैं, लेकिन इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए सही जानकारी, सकारात्मक दृष्टिकोण और स्पष्ट लक्ष्य जरूरी हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में आने के बजाय तथ्यों की सत्यता परखें और अपनी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार तथा समाज सेवा के कार्यों में करें।
उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार होने वाली चुनावी प्रक्रियाओं में प्रशासनिक अमले और सरकारी संसाधनों का बड़ा हिस्सा व्यस्त रहता है। चुनावी खर्च में कमी और संसाधनों के बेहतर उपयोग से विकास कार्यों को गति देने में मदद मिल सकती है। देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को आवास, शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास से जुड़े अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। सफलता का रास्ता निरंतर मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण से होकर गुजरता है।
शिक्षा से खेल तक, कोरबा के युवाओं के लिए तैयार हो रहे नए अवसर
मंत्री देवांगन ने कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास के माध्यम से शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, छात्रावासों और महाविद्यालयों के भवन निर्माण एवं मरम्मत के साथ महाविद्यालयों में सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों के लिए डोम निर्माण जैसी पहल भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत तथा सड़क और रेल संपर्क के विस्तार जैसे विकास कार्य कोरबा के भविष्य को नई मजबूती देंगे। इन सुविधाओं से शिक्षा, रोजगार और विकास की संभावनाओं को विस्तार मिलेगा। युवाओं को इन अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारना चाहिए और जिले के विकास में भागीदार बनना चाहिए।
इसी क्रम में मंत्री ने राजीव गांधी ऑडिटोरियम के नवीनीकरण के लिए डीएमएफ से 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। ऑडिटोरियम के नवीनीकरण से सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों, सामाजिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सेवा, संस्कार और परिश्रम से बनती है युवा शक्ति की पहचान : विश्वविजय सिंह तोमर
छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा होने का अर्थ केवल उम्र या पहनावे से नहीं, बल्कि विचारों, कर्मों और समाज के प्रति जिम्मेदारी से है। सच्ची युवा शक्ति वही है, जो जरूरतमंदों का सहारा बने, दूसरों की मदद करे, नारी शक्ति का सम्मान करे और माता-पिता तथा बड़ों के प्रति आदर का भाव रखे। सेवा, संस्कार और निरंतर परिश्रम ही युवाओं की वास्तविक पहचान हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव शासन की युवा नीति को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में उपलब्ध कराए गए सुझाव-पत्रों के माध्यम से युवा अपनी समस्याओं, आवश्यकताओं और अपेक्षाओं को सामने रखें, ताकि प्राप्त सुझावों पर विचार कर उपयुक्त प्रस्तावों को युवा नीति में शामिल करने का प्रयास किया जा सके।
स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो’ का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी परिवार की पृष्ठभूमि ही भविष्य तय नहीं करती, बल्कि अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर युवा अपनी अलग पहचान बना सकता है।
बेटियों की उपलब्धियां बनीं प्रेरणा, अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश
युवा आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश की बेटियों की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पाली क्षेत्र की कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी और राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी का उदाहरण दिया। उन्होंने संजू देवी की भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ विश्व कप जीतने की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।
पतंग और चकरी का उदाहरण देते हुए श्री तोमर ने युवाओं को समझाया कि वे शिक्षा, रोजगार और सफलता की तलाश में देश-दुनिया में आगे बढ़ें, लेकिन अपनी जड़ों से जुड़े रहें। माता-पिता, परिवार, गांव, संस्कृति और विरासत के प्रति सम्मान बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास करना। उन्होंने युवाओं से सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने, सकारात्मक सोच रखने तथा शिक्षा, खेल, कौशल और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में युवाओं को मिलेगा मार्गदर्शन : कुणाल दुदावत
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि ‘युवा उड़ान 2026’ जैसे कार्यक्रम युवाओं की आकांक्षाओं को समझने और उन्हें उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। इसके लिए आवश्यक है कि युवा अपनी क्षमताओं को पहचानें, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और अपने चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि जापान और जर्मनी जैसे देशों का उदाहरण बताता है कि अनुशासन, परिश्रम और मजबूत कार्यसंस्कृति के बल पर कठिन परिस्थितियों को भी अवसरों में बदला जा सकता है। कोरबा के युवाओं ने राजनीति, प्रशासन, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित की है। अब जरूरत है कि उन्हें बेहतर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी उपलब्धियों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जाए।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जिला खनिज न्यास के माध्यम से स्वामी विवेकानंद शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आर्थिक कठिनाइयां उनकी उच्च शिक्षा में बाधा न बनें। इसके साथ ही ‘दिशा’ पहल के अंतर्गत मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की निःशुल्क आवासीय कोचिंग शुरू की जा रही है। विद्यार्थियों को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
खेलों को करियर निर्माण और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि कोरबा को खेलों के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने की पहल की जा रही है। शासकीय पीजी कॉलेज में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम के उन्नयन तथा आदिवासी बालक एवं बालिका खेल परिसरों के विस्तार से जुड़े प्रस्तावों पर कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहें, नियमित मेहनत करें और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं। जिला प्रशासन शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और खेलों के क्षेत्र में युवाओं को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड को सम्मान, युवा नीति से जुड़ने का मिला अवसर
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकों ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और आजीविका से जुड़े संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, खेल और व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित अवसरों की जानकारी देने के साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया गया। स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं सहित उपस्थित युवाओं को उपहार भेंटकर सम्मानित किया गया। सुझाव-पत्रों के माध्यम से युवाओं को अपनी समस्याएं और विचार साझा करने का अवसर भी मिला।
‘युवा उड़ान 2026’ ने युवाओं की प्रतिभा, उनके सपनों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जागरूक, कुशल, अनुशासित और संकल्पित युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से साकार होगा।
