राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन पर कांग्रेस के रुख को लेकर भाजपा का तीखा हमला, दीपक बैज से पूछा—
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परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से परहेज क्यों?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर बोले—राष्ट्रपति का बस्तर आगमन पूरे छत्तीसगढ़ और जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय, कांग्रेस अपनी राजनीति में मर्यादा बनाए रखे
कांग्रेस पर भारतीय परंपरा, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के अपमान का आरोप; भाजपा ने जनता से माफी मांगने की उठाई मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर आगमन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रपति का बस्तर आगमन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से जनजातीय समाज के लिए गौरव, सम्मान और गर्व का अवसर है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर राष्ट्रपति का स्वागत और सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन कांग्रेस का रवैया भारतीय परंपराओं और संवैधानिक पदों के प्रति उसकी सोच को उजागर करता है।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि भारत की संस्कृति में ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह परंपरा केवल किसी अतिथि के स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान, सद्भाव और भारतीय संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से सवाल किया कि आखिर कांग्रेस इस गौरवशाली परंपरा का सम्मान करने से क्यों पीछे हट रही है? राष्ट्रपति के बस्तर आगमन को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय इसे छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा और जनजातीय समाज के सम्मान से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
जनजातीय समाज के गौरव से जुड़ा है राष्ट्रपति का आगमन
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनका बस्तर आगमन छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। जनजातीय समाज की पृष्ठभूमि से आने वाली राष्ट्रपति का स्वागत पूरे प्रदेश के लिए सम्मान का विषय है। ऐसे अवसर पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के बजाय विरोध की राजनीति करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संवैधानिक पदों के सम्मान और राष्ट्रीय गरिमा के विषय पर सभी दलों को जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। राष्ट्रपति का पद किसी राजनीतिक दल से ऊपर है और उसका सम्मान भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
संवैधानिक संस्थाओं के प्रति कांग्रेस के रवैये पर उठाए सवाल
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी का रवैया देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लगातार सवाल खड़े करता रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, निर्वाचन आयोग, सर्वोच्च न्यायालय और भारतीय संविधान जैसी संस्थाओं के प्रति राजनीतिक दलों को जिम्मेदार और मर्यादित व्यवहार करना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन असहमति और संस्थाओं के प्रति अनादर के बीच स्पष्ट अंतर है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित संविधान सभा के सदस्यों के योगदान से देश को एक मजबूत संवैधानिक ढांचा मिला है। ऐसे में राजनीतिक मतभेदों को संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान से ऊपर नहीं रखा जाना चाहिए।
दीपक बैज से भाजपा ने मांगा जवाब
देवलाल ठाकुर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से सवाल किया कि राष्ट्रपति के बस्तर आगमन जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर कांग्रेस का रुख सकारात्मक क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया और सार्वजनिक बयानों में भारतीय परंपराओं, संवैधानिक मर्यादाओं तथा जनजातीय समाज की भावनाओं का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति में संवैधानिक संस्थाओं को लेकर बार-बार विवाद खड़े होते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश की एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के प्रति सम्मान सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी है। राजनीतिक विरोध के नाम पर ऐसी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए, जिससे संवैधानिक पदों की गरिमा को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा हो।
कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने रुख पर पुनर्विचार करने और इस पूरे मामले में प्रदेश की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भारतीय परंपराओं, संवैधानिक संस्थाओं और जनजातीय समाज के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करनी चाहिए।
ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता राष्ट्रपति के बस्तर आगमन को सम्मान और गौरव के अवसर के रूप में देखती है। ऐसे में राजनीतिक दलों को दलगत स्वार्थ से ऊपर उठकर प्रदेश की प्रतिष्ठा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपने कथित अमर्यादित रुख के लिए देश और छत्तीसगढ़ की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।
भाजपा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के संवैधानिक पद की गरिमा, भारतीय परंपराओं का सम्मान और जनजातीय समाज का गौरव किसी दलगत राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए। देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस और दीपक बैज से आग्रह किया कि वे राजनीतिक विरोध की मर्यादा बनाए रखें और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को सर्वोपरि मानें।
