आस्था और श्रमदान का अनूठा संगम: करतला जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा की अपील पर बरपाली में गूंजा स्वच्छता का संकल्प, ठाकुर देव मंदिर परिसर का हुआ कायाकल्प
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा**//**//** बरपाली (कोरबा): आस्था जब सामाजिक जिम्मेदारी का रूप ले ले, तो बड़े से बड़ा बदलाव सहज हो जाता है। कुछ ऐसा ही प्रेरक दृश्य रविवार को ग्राम बरपाली में देखने को मिला, जहां ग्राम के आराध्य ठाकुर देव महाराज के पावन प्रांगण में सामूहिक श्रमदान का महाअभियान चला। जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा के एक आह्वान पर पूरा गांव एकजुट हो उठा और झाड़ू-फावड़ा थामकर मंदिर परिसर को संवारने में जुट गया।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर स्वच्छता का उपहार
पवित्र नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य ध्येय गांव के सबसे बड़े आस्था केंद्र को स्वच्छ, भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देना था। सुबह से ही मंदिर परिसर में ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर परिसर में उगे झाड़-झंखाड़, कंटीली झाड़ियों और इधर-उधर फैली गंदगी को पूरी तरह साफ किया। देखते ही देखते मंदिर का पूरा प्रांगण स्वच्छ और आकर्षक स्वरूप में निखर उठा।

धार्मिक स्थलों की शुचिता हम सबकी साझी विरासत: मनोज झा
श्रमदान के उपरांत ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने कहा कि धार्मिक और लोक आस्था के केंद्र केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक हैं। इनकी पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक व सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि जब शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी जुड़ जाती है, तो असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। श्री झा ने इस पुनीत कार्य में जुटे सभी ग्रामीणों के समर्पण और उत्साह की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए आभार जताया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दिखाया सामाजिक समरसता का दम
इस स्वच्छता महायज्ञ में गांव के जनप्रतिनिधियों से लेकर आम नागरिकों तक ने बढ़-चढ़कर पसीना बहाया। अभियान में प्रमुख रूप से:
जनप्रतिनिधि व प्रबुद्धजन: जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा, सरपंच भुनेश्वर बिंझवार, उपसरपंच राजू यादव, प्रवीण उपाध्याय, पियूष गुरुद्वान।
सक्रिय सहभागी: राकेश, अजय, संदीप, मनहरण प्रजापति, नागेंद्र कश्यप, कपिल बिंझवार, माखन यादव, सिंकू यादव, कन्हैया यादव, लकी यादव, मंदीप शर्मा, शत्रुघ्न साहू, छतराम साहू, बिसाहू एवं किसनो बाई सहित भारी संख्या में ग्रामीणजन।
बरपाली में संपन्न हुए इस श्रमदान ने न केवल मंदिर प्रांगण को नया रूप दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिखाया कि सामूहिक इच्छाशक्ति और आपसी सहयोग से किसी भी गांव को आदर्श और स्वच्छ बनाया जा सकता है। यह अभियान पूरे अंचल में सामाजिक एकता और जन-जागरूकता की एक मिसाल बनकर उभरा है।
