शरद पूर्णिमा पर गूंजेंगी श्रीरामचरितमानस की चौपाइयां, कोरबा में संस्कृति और संस्कारों का अनूठा संगम
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मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति एवं महिला मंडल की संयुक्त पहल; बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए होंगी विविध प्रतियोगिताएं, चौपाई प्रतियोगिता में प्रतिभागी अर्थ और जीवन-संदेश के साथ देंगे प्रस्तुति
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। भारतीय संस्कृति की आत्मा, सनातन परंपरा की गरिमा और श्रीरामचरितमानस में समाहित जीवन-मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से कोरबा में इस वर्ष का शरदोत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति एवं मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रीरामचरितमानस चौपाई प्रतियोगिता सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि त्याग, सेवा, मर्यादा, सदाचार, कर्तव्यनिष्ठा और पारिवारिक संस्कारों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति की कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष कैलाश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शरद पूर्णिमा उत्सव को उत्साहपूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया। परशुराम भवन, कोरबा में आयोजित होने वाले इस शरदोत्सव में समाज के विभिन्न आयु वर्गों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
चौपाई का वाचन ही नहीं, उसके भाव और जीवन-संदेश की भी होगी परीक्षा
इस वर्ष के आयोजन का प्रमुख आकर्षण श्रीरामचरितमानस चौपाई प्रतियोगिता होगी। इसमें प्रतिभागियों को अपनी पसंद की चौपाई का सस्वर वाचन करना होगा। इसके साथ ही चौपाई का अर्थ, भावार्थ और उससे मिलने वाली जीवनोपयोगी शिक्षा लिखित एवं मौखिक रूप में प्रस्तुत करनी होगी। प्रत्येक प्रतिभागी के लिए चयनित चौपाई का लिखित संस्करण जमा करना भी अनिवार्य रहेगा।
प्रतियोगिता में केवल शुद्ध उच्चारण और प्रभावशाली वाचन ही नहीं, बल्कि चौपाई के भावों को समझने, उसके संदेश की व्याख्या करने और उसे जीवन से जोड़कर प्रस्तुत करने की क्षमता को भी महत्व दिया जाएगा। श्रीरामचरितमानस में वर्णित आदर्शों के माध्यम से समाज में पारिवारिक एकता, नैतिकता, सेवा भावना और मर्यादित आचरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

चार आयु वर्गों में मिलेगा प्रतिभा दिखाने का अवसर
प्रतियोगिता को सभी पीढ़ियों के लिए सहभागी बनाने के उद्देश्य से चार आयु वर्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें 10 वर्ष तक, 11 से 20 वर्ष, 21 से 50 वर्ष तथा 50 वर्ष से अधिक आयु के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक आयु वर्ग में महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग प्रतिस्पर्धा रखी गई है।
प्रतियोगिता में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। प्रतिभागियों को अपनी प्रस्तुति के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया जाएगा। मूल्यांकन चौपाई के शुद्ध उच्चारण, भावपूर्ण वाचन, अर्थ एवं भावार्थ की स्पष्टता, व्याख्या और उससे मिलने वाली जीवनोपयोगी प्रेरणा के आधार पर किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रतियोगिता 25 अक्टूबर 2026, रविवार को रात्रि 8 बजे से प्रारंभ होगी। इसमें भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को उसी दिन दोपहर 2 बजे तक अपना नाम एवं चयनित चौपाई का पंजीयन कराना होगा। पंजीयन और अन्य जानकारी के लिए कार्यक्रम संयोजक नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से मोबाइल नंबर 9826111738 पर संपर्क किया जा सकता है।
बच्चों के लिए खेल, महिलाओं के लिए परंपरा और कला का मंच
शरदोत्सव को पारिवारिक सहभागिता का उत्सव बनाने के लिए बच्चों और महिलाओं के लिए भी अलग-अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को बच्चों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें कुर्सी दौड़, बुझो तो जानें और चम्मच दौड़ जैसी मनोरंजक गतिविधियां शामिल रहेंगी। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को उत्साह, सहभागिता और आपसी मेलजोल का अवसर मिलेगा।
24 अक्टूबर 2026, शनिवार को महिलाओं की प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें अन्नकूट की थाली, श्रीनाथ जी की रंगोली और आंगन मंडना प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इन आयोजनों के जरिए पारंपरिक कला, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित किया जाएगा।
तीनों दिनों के आयोजनों के माध्यम से शरदोत्सव को ऐसा मंच बनाने का प्रयास है, जहां बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाएं, युवा भारतीय परंपराओं से जुड़ें, महिलाएं अपनी कला का प्रदर्शन करें और वरिष्ठजन सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने में सहभागी बनें।
कैलाश शर्मा और रेणु पुजारी ने समाजजनों से की सहभागिता की अपील
मारवाड़ी ब्राह्मण विकास समिति के अध्यक्ष कैलाश शर्मा एवं मारवाड़ी ब्राह्मण महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती रेणु पुजारी ने समाज के सभी सदस्यों, बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से शरदोत्सव की प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। उन्होंने आयोजन को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सामाजिक एकता को मजबूत करने का अवसर बताते हुए सभी से अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
बैठक में ये सदस्य रहे उपस्थित
आयोजन की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में समिति के अध्यक्ष कैलाश शर्मा, सचिव शशि शर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेश शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य बृजमोहन शर्मा, संजय शर्मा, बिमल जोशी, ललित शर्मा, शिव शर्मा, विजय जोशी, महेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, विष्णु शर्मा, विजय शर्मा, रवि शर्मा एवं डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
शरदोत्सव का संदेश स्पष्ट है—संस्कृति केवल परंपराओं को निभाने का नाम नहीं, बल्कि उन आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प है, जो परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा देते हैं। श्रीरामचरितमानस चौपाई प्रतियोगिता इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनेगी।
