घंटाघर में 15 अक्टूबर से गूंजेगा जय श्रीराम का जयघोष! छह दिनों तक सजेगी भक्ति, आस्था और मर्यादा की भव्य रामलीला
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15 से 20 अक्टूबर तक डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन थिएटर में रामलीला एवं दशहरा उत्सव, कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन की उपस्थिति में प्रेस वार्ता कर आयोजन की तैयारियों और उद्देश्य की दी गई जानकारी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। धर्म, संस्कृति और आस्था की त्रिवेणी में सराबोर होने के लिए कोरबा तैयार है। शहर के घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन थिएटर में 15 से 20 अक्टूबर 2026 तक भव्य रामलीला एवं दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। छह दिनों तक चलने वाला यह धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों, त्याग, सत्य, कर्तव्य, मर्यादा और धर्म की विजय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं और शहर में श्रद्धा एवं उत्साह का वातावरण बनाने की तैयारी है।
आयोजन के संबंध में पंचवटी विश्राम गृह, कोरबा में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन की उपस्थिति में पत्रकारों को कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों और उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर आयोजन को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों से समाज को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।

रामलीला केवल मंचन नहीं, जीवन जीने की सीख
रामलीला भारतीय लोकसंस्कृति की ऐसी परंपरा है, जो पीढ़ियों से समाज को धर्म, कर्तव्य, त्याग, वचनबद्धता और सदाचार की प्रेरणा देती आ रही है। प्रभु श्रीराम का जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मर्यादा का पालन, परिवार के प्रति दायित्व, समाज के प्रति संवेदनशीलता और सत्य के मार्ग पर चलना कितना महत्वपूर्ण है। माता सीता का धैर्य, लक्ष्मण का समर्पण, भरत का त्याग और हनुमान की निष्ठा रामकथा को केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों का प्रेरक संदेश बनाते हैं।
कोरबा में आयोजित होने वाली रामलीला के माध्यम से इन्हीं आदर्शों को मंचीय प्रस्तुतियों के जरिए लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। धार्मिक आस्था के साथ यह आयोजन परिवारों, बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति तथा अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।
दशहरा उत्सव देगा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश
दशहरा भारतीय परंपरा में असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम और रावण के प्रसंग के माध्यम से यह पर्व संदेश देता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, अंततः सत्य, विवेक और सदाचार का महत्व सर्वोपरि रहता है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों, सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत करना भी है।
घंटाघर स्थित ओपन थिएटर में होने वाला यह आयोजन कोरबा के नागरिकों को एक साथ बैठकर रामकथा के प्रसंगों से जुड़ने और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर देगा।
प्रेस वार्ता में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
प्रेस वार्ता के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, रुक्मणि नायर, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, नरेंद्र देवांगन, मुकुंद सिंह कंवर, ममता यादव, सरोज शांडिल्य, चंद्रकली जायसवाल, पार्षद राकेश वर्मा, पंकज देवांगन, सुशील गर्ग, आरिफ खान, राकेश नागरमल, नगर निगम उपायुक्त पवन वर्मा, अखिलेश शुक्ला और सचिव रामेश्वर कंवर सहित अन्य पदाधिकारी, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सपरिवार पहुंचें, रामलीला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ें
आयोजकों ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में सपरिवार सहभागी बनें और प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लें। बच्चों और युवाओं के लिए भी यह अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को समझने तथा रामकथा के प्रेरक प्रसंगों से परिचित होने का अवसर होगा।
आयोजन स्थल: डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन थिएटर, घंटाघर, कोरबा
आयोजन अवधि: 15 से 20 अक्टूबर 2026
आइए, रामकथा के आदर्शों को केवल सुनें नहीं, उन्हें अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लें। भक्ति की भावना, संस्कृति का सम्मान और मर्यादा का संदेश लेकर कोरबा की धरती पर सजेगी छह दिवसीय रामलीला एवं दशहरा उत्सव की भव्यता।
जय श्रीराम! 🚩
