शारदीय नवरात्रि पर पहाड़ी बजरंग बली घाट में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर स्थापित किए गए दो ध्वज
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हरदीमहुआ-डीडापाठ के बीच आस्था और भक्ति का अनूठा संगम, बजरंग बली के चरणों में क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// हरदीमहुआ-डीडापाठ, कोरबा (छत्तीसगढ़)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर हरदीमहुआ और डीडापाठ के बीच स्थित पहाड़ी बजरंग बली घाट में श्रद्धा, भक्ति और सनातन आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पहाड़ी पर विराजमान भगवान बजरंग बली के मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान भक्तों ने बजरंग बली का आशीर्वाद लेकर क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
नवरात्रि के शुभारंभ पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रवण कुमार मंझवार एवं रवि प्रताप राठिया ने विधि-विधान से पूजा-पाठ कर भगवान बजरंग बली के समक्ष श्रद्धा अर्पित की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष रूप से दो ध्वज स्थापित किए गए। ये ध्वज जितेंद्र देवांगन द्वारा प्रदान किए गए थे। ध्वज स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली से क्षेत्रवासियों के जीवन में सुख, शांति, उन्नति और मंगल बनाए रखने की प्रार्थना की।

ध्वज स्थापना ने बढ़ाई धार्मिक आयोजन की गरिमा
हिंदू धर्म में ध्वज को आस्था, विजय, शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मंदिर परिसर में ध्वज स्थापना के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी धार्मिक भावनाओं को व्यक्त किया। शारदीय नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर पहाड़ी बजरंग बली घाट में पूजा-अर्चना और ध्वज स्थापना का यह आयोजन सनातन परंपराओं के प्रति श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।
प्रकृति की गोद में स्थित पहाड़ी बजरंग बली घाट का धार्मिक महत्व स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से धार्मिक परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही समाज में भक्ति, सद्भाव और आपसी जुड़ाव की भावना भी मजबूत होती है।
श्रद्धालुओं ने की मंगलकामना
पूजा-अर्चना के दौरान श्रवण कुमार मंझवार, रवि प्रताप राठिया, चंद्रा कुमार राठिया सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने भगवान बजरंग बली के समक्ष नमन कर माता रानी और बजरंग बली से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर पहाड़ी बजरंग बली घाट में हुआ यह आयोजन श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक चेतना का संदेश देता है। भक्तों की यही कामना रही कि माता रानी और भगवान बजरंग बली की कृपा से क्षेत्र में सदैव शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।
जय श्रीराम! जय बजरंग बली! जय माता दी!
