हार पर ईवीएम को कटघरे में खड़ा करना कांग्रेस की पुरानी आदत : विष्णुदेव साय
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जीत में ईवीएम सही, हार में सवाल—जनता कांग्रेस के दोहरे रवैये को समझ चुकी है; प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष सेवा-सुशासन और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरक यात्रा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चुनाव में हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो उसी ईवीएम से अपने सांसद और विधायक चुनकर सदन में भेजती है, लेकिन हार मिलते ही ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने लगती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब इस दोहरे रवैये को समझ चुकी है और लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान ही सर्वोपरि है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए, न कि संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर आरोप लगाकर जनता के फैसले पर सवाल खड़े करने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास और जनादेश सबसे बड़ा आधार है।
मोदी के 25 वर्ष : सेवा से सुशासन और राष्ट्रनिर्माण तक की यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुई यह यात्रा अब 25 वर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंची है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह यात्रा सेवा, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्रनिर्माण के प्रति समर्पण की प्रेरक यात्रा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल को केंद्र में रखकर प्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में सेवा और राष्ट्रनिर्माण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से इस अवसर को जनभागीदारी के साथ मनाया जा रहा है।
38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल की स्मृति में प्रदेश के 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जाएंगे। रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी इसी स्वरूप में विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि ये स्थल सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प के प्रतीक बनेंगे।
सिंगापुर से छत्तीसगढ़ के लिए ₹41,750 करोड़ का बड़ा निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि 3 से 6 अक्टूबर तक हुए प्रवास के दौरान ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ’ फोरम-2026 में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के सामने रखा गया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान छत्तीसगढ़ में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें एनर्जी कैपिटल ग्लोबल का ₹41,750 करोड़ का प्रस्ताव प्रमुख है। कंपनी प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता का एआई-रेडी डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने की योजना पर काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े ऐसे निवेश छत्तीसगढ़ को भविष्य के उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनाने में मदद करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के युवाओं के लिए तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
डेढ़ साल में ₹8.23 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति लागू होने के बाद लगभग डेढ़ वर्ष में छत्तीसगढ़ को ₹8.23 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और विभिन्न क्षेत्रों में समझौते हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों और उद्योग जगत के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कागजों पर निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। सेमीकंडक्टर और एआई डेटा सेंटर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में काम आगे बढ़ने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निवेश को धरातल पर उतारकर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को गति देना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आने वाला निवेश प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलने के साथ स्थानीय उद्योगों और उद्यमियों को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि निवेश, रोजगार, तकनीक और सुशासन के समन्वय से छत्तीसगढ़ को विकसित भारत की विकास यात्रा में मजबूत भागीदार बनाने का लक्ष्य है।







