पुष्य नक्षत्र में गूंजा आयुर्वेद का संदेश, स्वर्ण बिंदु प्राशन से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी जागरूकता
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श्रुति और दिव्यांशु की मां ने साझा किया अनुभव, बोलीं—2022 से नियमित सेवन के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस हुआ
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स निहारिका में स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार का आयोजन किया गया। लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पुष्य नक्षत्र के अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन कराया गया।
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस आयुर्वेदिक कार्यक्रम में अंचल के सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाना और आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम के दौरान स्वर्ण बिंदु प्राशन करा रहे श्रुति सारथी एवं दिव्यांशु सारथी की माता श्याम सारथी ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2022 से अपने दोनों बच्चों को प्रत्येक पुष्य नक्षत्र पर स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार के लिए ला रही हैं। उनके अनुसार, इस अवधि में उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और सक्रियता में सकारात्मक बदलाव महसूस किया है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के बावजूद उनके बच्चों को पिछले वर्षों में सर्दी-खांसी जैसी सामान्य मौसमी समस्याएं नहीं हुईं और दोनों बच्चे सक्रिय रहते हैं।
श्याम सारथी ने इस अनुभव के लिए पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा तथा चिकित्सक नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अन्य अभिभावकों से भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने और आयुर्वेदिक पद्धतियों की जानकारी चिकित्सकीय मार्गदर्शन में लेने की अपील की।
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार आयुर्वेद की प्राचीन परंपराओं में वर्णित बाल स्वास्थ्य से जुड़ी पद्धति है। उन्होंने कहा कि इसका उल्लेख काश्यप संहिता एवं सुश्रुत संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। संस्थान द्वारा इस पारंपरिक पद्धति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आयुर्वेद के प्रति नई पीढ़ी का जुड़ाव मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों को किसी भी आयुर्वेदिक या अन्य स्वास्थ्य पद्धति को अपनाने से पहले योग्य चिकित्सक से उचित परामर्श लेना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और स्वस्थ भारत की दिशा में जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा, श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा के साथ नेत्रनन्दन साहू, कमल धारिया, अरुण मानिकपुरी, अश्वनी बुनकर, सिद्धराम सारथी, अनुराग कंवर, शैल कुमारी निषाद, गुनगुन राठीया एवं पंचकर्म टेक्नीशियन पिंकी बरेठ सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।







