नुक्कड़ नाटक से गूंजा विकसित भारत @2047 का संकल्प, बालको में ‘नमो सेवा गाथा’ ने विद्यार्थियों को जोड़ा राष्ट्र निर्माण की सोच से



सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वामी आत्मानंद विद्यालय में आयोजन — विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए विकसित भारत के समग्र विकास का दिया संदेश
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//*// कोरबा। भारतीय जनता पार्टी बालको मंडल के शक्तिकेंद्र सेक्टर 3/4 में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘नमो सेवा गाथा’ कार्यक्रम का आयोजन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ‘विकसित भारत @2047’ की परिकल्पना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा, तकनीक, नवाचार, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सहभागिता और देश के समग्र विकास जैसे विषयों को रचनात्मक अंदाज में सामने रखा। प्रस्तुति के दौरान विकसित भारत के लक्ष्य को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखते हुए हर नागरिक की भागीदारी और सामूहिक प्रयास से जोड़ने का संदेश दिया गया। भारत सरकार की आधिकारिक सामग्री में भी विकसित भारत @2047 की दिशा में युवाओं की भागीदारी और नागरिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया है। �

कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी मंजू सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, पार्षद दल सचेतक सत्येंद्र दुबे, मंडल अध्यक्ष डिलेन्द्र यादव, महामंत्री संपत यादव, जय राठौर, उपाध्यक्ष रेनू प्रसाद, संजय साहू, मंत्री राजा शर्मा, मीना डहरिया, महेश्वरी गोस्वामी, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष प्रिया द्विवेदी, जिला महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी अनीता प्रसाद, एसएमडीसी अध्यक्ष जे.एन. दूबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष ज्योति परिहार, महामंत्री सावित्री राजपूत, एनजीओ प्रकोष्ठ संयोजक केशव चन्द्रा, ममता निर्मलकर, उपाध्यक्ष नारायणी दूबे, पूर्व महामंत्री एवं संयोजक हेमलता निर्मलकर, किसान मोर्चा अध्यक्ष आर.ए. नारायण, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मंजीत कौर, पिछड़ा वर्ग उपाध्यक्ष कृष्णी राठौर, शंकुतला ठाकुर, तारा रजक, युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष विनय यादव, रानू मंडल एवं रितू कश्यप सहित पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं विद्यालय से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने यह संदेश सामने रखा कि 2047 का विकसित भारत केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा संकल्प है। विद्यालय परिसर में आयोजित इस रचनात्मक कार्यक्रम के जरिए सेवा, जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।







