October 4, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

SECL के डंपिंग यार्ड में रात के अंधेरे में मिट्टी-मुरूम की खुदाई का आरोप! दादर खुर्द में जेसीबी-ट्रिपर से कथित उठाव, सड़कों पर डंपिंग से आवागमन प्रभावित

1 min read

 

 

आखिर किसकी अनुमति से हो रहा है यह काम? रातोंरात मिट्टी-मुरूम और पत्थरों का उठाव कर दूसरी जगह गिराने की शिकायत, बदहाल रास्तों ने खड़े किए गंभीर सवाल; जांच के बाद ही सामने आएगा पूरा मामला

 त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। दादर खुर्द स्थित एसईसीएल (SECL) के डंपिंग यार्ड से रात के अंधेरे में जेसीबी और ट्रिपर लगाकर मिट्टी, मुरूम तथा पत्थरों का कथित रूप से उठाव किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, रात में खुदाई कर सामग्री निकाली जाती है और फिर उसे अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर डंप किया जाता है। आरोप यह भी है कि कॉलोनी क्षेत्र में मिट्टी-मुरूम गिराए जाने और रास्तों पर सामग्री जमा होने से सड़क की स्थिति खराब हो रही है तथा लोगों के आवागमन में परेशानी बढ़ रही है।

इस मामले से जुड़े फोटो में रात के समय मिट्टी की खुदाई किए जाने की बात सामने रखी गई है। हालांकि, सामग्री किस उद्देश्य से निकाली जा रही है, इसे कहां ले जाया जा रहा है और इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

 

रात के अंधेरे में आखिर क्या चल रहा है?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि डंपिंग यार्ड से मिट्टी, मुरूम और पत्थरों का उठाव किया जा रहा है, तो इसके पीछे क्या उद्देश्य है? क्या यह किसी अधिकृत कार्य का हिस्सा है या फिर बिना अनुमति सामग्री हटाई जा रही है? जेसीबी और ट्रिपर के माध्यम से सामग्री का परिवहन किसके निर्देश पर हो रहा है? इन बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों की स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है।

यदि कार्य अधिकृत है, तो उसकी अनुमति, उद्देश्य और परिवहन की व्यवस्था सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं, यदि बिना अनुमति खुदाई या सामग्री का उठाव किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

सड़कों पर डंपिंग से परेशानी, जिम्मेदार कौन?

स्थानीय शिकायत के अनुसार, मिट्टी-मुरूम और पत्थरों को रास्तों तथा कॉलोनी क्षेत्र में गिराए जाने से सड़क की स्थिति प्रभावित हो रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि सामग्री डंप करने के लिए स्थान का चयन किस आधार पर किया जा रहा है? क्या रास्तों पर सामग्री गिराने की अनुमति है? यदि इसके कारण लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है, तो उसे हटाने और सड़क की स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है?

सड़कें आम नागरिकों की सुविधा के लिए हैं। यदि वहां निर्माण सामग्री या मिट्टी-मुरूम बेतरतीब ढंग से जमा की जा रही है, तो संबंधित विभाग को तत्काल स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

SECL प्रबंधन और प्रशासन की भूमिका पर सवाल

दादर खुर्द के इस मामले में एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। डंपिंग यार्ड की भूमि से सामग्री हटाने की अनुमति, खुदाई का उद्देश्य, वाहनों की आवाजाही और सामग्री गिराने के निर्धारित स्थान की जांच की जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित कार्य की निगरानी कौन कर रहा है।

यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही प्रभावित रास्तों का निरीक्षण कर आवागमन की समस्या दूर करना भी आवश्यक है।

जांच से ही खुलेगा पूरे मामले का राज

दादर खुर्द में सामने आई शिकायत केवल मिट्टी-मुरूम के उठाव तक सीमित नहीं है। इसमें डंपिंग यार्ड से सामग्री निकालने की अनुमति, उसके परिवहन, दूसरी जगह डंपिंग और सड़क की बदहाल स्थिति जैसे कई पहलू जुड़े हैं। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच और परिवहन में लगे वाहनों की जानकारी जुटाना जरूरी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि दादर खुर्द के एसईसीएल डंपिंग यार्ड से मिट्टी-मुरूम और पत्थरों का उठाव किसके निर्देश पर हो रहा है, सामग्री कहां पहुंचाई जा रही है और रास्तों पर डंपिंग की शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे?

इन सवालों पर एसईसीएल प्रबंधन और संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आना चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। जांच के निष्कर्ष ही बताएंगे कि यह किसी अधिकृत कार्य का हिस्सा है या मामले में नियमों का उल्लंघन हुआ है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.