बच्चों की पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बनी सफलता की कुंजी, गौमुखी सेवा धाम देवपहरी में उमड़ा मातृ-पितृ स्नेह
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दूर-दराज से पहुंचे सैकड़ों माता-पिता, समय पर स्कूल भेजने और गृहकार्य में सहयोग करने का लिया संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// देवपहरी बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने और विद्यालयीन गतिविधियों में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गौमुखी सेवा धाम देवपहरी में अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में दूर-दराज के क्षेत्रों से सैकड़ों बच्चों के माता-पिता उत्साहपूर्वक शामिल हुए। आयोजन में शिक्षा के साथ अनुशासन, नियमितता और बच्चों के सर्वांगीण विकास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।

कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरि शंकर यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकल्प प्रमुख डॉ. देवशीष मिश्रा ने की, जबकि प्रेमदास विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अभिभावकों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने बच्चों की शिक्षा को लेकर परिवारों की गंभीरता और विद्यालय के प्रति उनके विश्वास को सामने रखा।
समय पर विद्यालय भेजें बच्चे, पढ़ाई में घर से भी मिले सहयोग
सम्मेलन में अभिभावकों से आग्रह किया गया कि वे बच्चों को नियमित रूप से और निर्धारित समय पर विद्यालय भेजें। साथ ही विद्यालय में दिए जाने वाले गृहकार्य को पूरा कराने में बच्चों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन देने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि बच्चे के शैक्षणिक विकास में विद्यालय और परिवार दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक जहां बच्चों को शिक्षा और मार्गदर्शन देते हैं, वहीं घर का वातावरण उनकी अध्ययन आदतों को मजबूत करता है।
विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से कराया अवगत
विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन व्यवस्था और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी विद्यालय के प्राचार्य पुरुषोत्तम उरांव ने अभिभावकों को दी। उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और बच्चों की प्रगति से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की तथा अभिभावकों से नियमित रूप से बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने का आग्रह किया।
अभिभावकों की सहभागिता से मजबूत होगा बच्चों का भविष्य
अभिभावक सम्मेलन का उद्देश्य केवल विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा में परिवार और विद्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि बच्चों को नियमित अध्ययन, समय पालन और गृहकार्य की आदत डालने में अभिभावकों की सकारात्मक भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
सैकड़ों अभिभावकों की उपस्थिति ने सम्मेलन को विशेष बना दिया। दूर-दराज से पहुंचे माता-पिता ने बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों को गंभीरता से सुना और विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को समझा। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब विद्यालय और परिवार एक साथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, तब उनके भविष्य की नींव और मजबूत होती है।







