October 2, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कलेक्टर के दरबार में पहुंची शिकायत ने खड़े किए कई गंभीर सवाल | प्राचार्य के निलंबन से लेकर रिकॉर्ड सील करने तक की मांग | शिकायतकर्ता बोला—जांच ऐसी हो कि हर आरोप का सच सामने आए
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। कोसाबाड़ी स्थित निर्मला हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य अजिथा मेरी और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सामने आई लिखित शिकायत ने शिक्षा व्यवस्था में कथित मनमानी को लेकर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार साहू ने 28 सितंबर 2026 को जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की स्वतंत्र और विशेष प्रशासनिक जांच कराने, प्राचार्य को तत्काल निलंबित करने तथा महत्वपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित कराने की मांग की है।
शिकायत में लगाए गए आरोप यदि जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला केवल स्कूल प्रबंधन के आंतरिक अनुशासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता, विद्यार्थियों के अधिकार, शिक्षकों के साथ व्यवहार और शिक्षा के अधिकार से जुड़े गंभीर प्रश्न भी सामने आएंगे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी।
1. हिंदू शिक्षकों से कथित जबरन प्रार्थना—धार्मिक स्वतंत्रता पर बड़ा सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि स्कूल के 90 प्रतिशत से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी हिंदू हैं, इसके बावजूद उनसे कथित रूप से ईसाई प्रार्थना कराई जाती है। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने अलग उपस्थिति पंजिका बनाए जाने का भी आरोप लगाया है।
अगर जांच में यह आरोप सही साबित होता है तो सवाल सीधा है—क्या किसी कर्मचारी की धार्मिक आस्था पर दबाव डालकर उसे किसी विशेष धार्मिक गतिविधि में शामिल कराया जा सकता है?
शिकायतकर्ता ने इसे मानसिक उत्पीड़न से जोड़ते हुए प्रशासन से गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
2. प्रार्थना या दबाव? जांच में सामने आना चाहिए पूरा सच
धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार का दबाव होने की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यहां सवाल किसी एक धर्म का पक्ष लेने का नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था के साथ स्वतंत्र रहने के अधिकार का है।
इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित शिक्षकों के बयान बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
3. एक सप्ताह की मेडिकल लीव के बदले एक साल का अवैतनिक अवकाश!
शिकायत में शिक्षिका रेकी सिन्हा का मामला भी उठाया गया है। आरोप है कि उन्होंने एक सप्ताह के मेडिकल अवकाश की मांग की थी, लेकिन कथित रूप से उनसे 02 जुलाई 2026 से 01 जुलाई 2027 तक एक वर्ष का अवैतनिक अवकाश लिखवाया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इससे शिक्षिका ईएसआईसी के उपचार संबंधी अधिकारों से प्रभावित हुईं।
क्या वास्तव में ऐसा हुआ? किस परिस्थिति में दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए गए? इन सवालों का जवाब जांच से ही सामने आ सकता है।
4. बीमार शिक्षिका को तीन मंजिल चढ़ाने का आरोप
एक अन्य शिक्षिका के गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद उन्हें कथित रूप से तीन मंजिला सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप शिकायत में लगाया गया है।
यदि यह आरोप सही है तो कार्यस्थल पर कर्मचारी की सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता को लेकर गंभीर सवाल उठेंगे।
5. बीपीएल बच्चों से ₹1,000 की वसूली का आरोप—गरीब बच्चों पर अतिरिक्त बोझ क्यों?
शिकायत में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बीपीएल विद्यार्थियों से नियम विरुद्ध ₹1,000 वसूले जाने का आरोप लगाया गया है।
यह आरोप इसलिए भी गंभीर है क्योंकि मामला आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि विरोध के बाद बच्चों से संबंधित रसीदें वापस मंगाई गईं।
अब जांच में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि राशि किस मद में ली गई, किसके निर्देश पर ली गई, उसकी रसीदें क्या कहती हैं और रकम का हिसाब कहां है।
6. धूप में छात्र को खड़ा करने का आरोप—अनुशासन के नाम पर ऐसी सजा क्यों?
15 सितंबर की कथित घटना को लेकर शिकायत में कक्षा 9वीं ‘बी-2’ के छात्र नीलेश दास महंत का उल्लेख किया गया है।
आरोप है कि छात्र को धूप में खड़ा करके सजा दी गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे चोट लगने की बात शिकायत में कही गई है।
यह आरोप जांच का बेहद संवेदनशील बिंदु है। विद्यालय में अनुशासन आवश्यक है, लेकिन बच्चों के साथ किसी भी कथित अमानवीय व्यवहार की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
7. वेतन कटौती और मनमाने निष्कासन के नियमों पर भी सवाल
शिकायत में केरल स्थित Franciscan Sisters of the Immaculate Heart of Mary के नियमों का हवाला देते हुए कर्मचारियों का एक महीने का वेतन काटने, मनमाने निष्कासन और अनुशासनात्मक कार्रवाई से जुड़े कथित प्रावधानों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्रशासन को यह देखना होगा कि स्कूल में कौन से नियम लागू हैं, उनका कानूनी आधार क्या है और क्या वे भारतीय कानूनों एवं शिक्षा संबंधी प्रावधानों के अनुरूप हैं।
8. कलेक्टर से कहा—जांच सिर्फ कागजों में नहीं, रिकॉर्ड के आधार पर हो
शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी स्तर की सामान्य जांच के बजाय कलेक्टर द्वारा गठित विशेष प्रशासनिक दल से जांच कराने की मांग की है।
यह मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि शिकायत में स्कूल के कई अलग-अलग पहलुओं से जुड़े आरोप हैं।
9. रिकॉर्ड सील करने की मांग—क्यों उठी ऐसी जरूरत?
शिकायत में स्कूल की—
उपस्थिति पंजियां
फीस रसीद बुक
बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड
सीसीटीवी फुटेज
को सुरक्षित/सील कराने की मांग की गई है।
ऐसा इसलिए मांगा गया है ताकि जांच के दौरान संबंधित रिकॉर्ड में किसी प्रकार की छेड़छाड़ या बदलाव की आशंका न रहे।
10. शिक्षकों और बच्चों के बयान अलग माहौल में दर्ज कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बयान प्राचार्य की अनुपस्थिति में दर्ज किए जाएं, ताकि संबंधित लोग बिना दबाव अपनी बात रख सकें।
यदि प्रशासन जांच शुरू करता है तो शिकायत के प्रत्येक बिंदु पर दस्तावेजी प्रमाण और स्वतंत्र बयान जुटाना महत्वपूर्ण होगा।
11. FIR की मांग ने मामले को और गंभीर बनाया
शिकायत में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई है। हालांकि, आपराधिक मामला बनता है या नहीं, यह जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
12. अब असली परीक्षा प्रशासन की—आरोप सही तो कार्रवाई, गलत तो स्थिति साफ
निर्मला स्कूल को लेकर सामने आई शिकायत ने एक साथ कई सवाल खड़े किए हैं—क्या धार्मिक गतिविधियों के नाम पर कर्मचारियों पर दबाव डाला गया? क्या बीपीएल विद्यार्थियों से नियम विरुद्ध रकम ली गई? क्या शिक्षकों के साथ अनुचित व्यवहार हुआ? क्या छात्र को दी गई कथित सजा उसकी सुरक्षा के अनुरूप थी? और क्या स्कूल के आंतरिक नियम कानून के अनुरूप हैं?
इन सवालों का जवाब बयानबाजी से नहीं, बल्कि दस्तावेज, सीसीटीवी, फीस रिकॉर्ड, बैंक रिकॉर्ड, उपस्थिति पंजिका और स्वतंत्र बयानों की निष्पक्ष जांच से मिलना चाहिए।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हैं। लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की जांच अब बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। जांच यदि निष्पक्ष और तथ्यात्मक तरीके से होती है तो न केवल शिकायतकर्ता के आरोपों की सच्चाई सामने आएगी, बल्कि स्कूल प्रबंधन पर लगे आरोप सही हैं या नहीं—इस पर भी स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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