ममता की गोद से स्वस्थ बचपन तक… गजरा में दिखा सेवा का सुंदर संकल्प
1 min read



गोद भराई से मातृत्व का सम्मान, अन्नप्राशन से पोषण की नई शुरुआत; बच्चों को खिलौने बांटकर बढ़ाया उत्साह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// गजरा। गजरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-4 में आयोजित “आंगनवाड़ी का मिलन” कार्यक्रम ने सेवा, संस्कार और सुपोषण की खूबसूरत तस्वीर पेश की। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी कुमारी झा की विशेष उपस्थिति रही। माताओं, बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की सहभागिता से कार्यक्रम आत्मीय माहौल में संपन्न हुआ।

🌸 गोद भराई से मातृत्व को सम्मान
कार्यक्रम में गर्भवती महिला की गोद भराई रस्म कराई गई। इस अवसर पर मातृत्व की गरिमा और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के महत्व को रेखांकित किया गया।
👶 अन्नप्राशन से स्वस्थ बचपन की शुरुआत
छह माह के बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। संस्कार के माध्यम से बच्चे के जीवन में पोषणयुक्त आहार की शुरुआत को उत्सव के रूप में मनाया गया और स्वस्थ बचपन की मंगलकामना की गई।
🎁 खिलौनों से खिले नन्हे चेहरों पर मुस्कान
बच्चों के स्वस्थ एवं पोषणयुक्त विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से खिलौनों का वितरण किया गया। खिलौने पाकर बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान कार्यक्रम का सबसे खुशनुमा पल रही।
📢 माताओं को मिली योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में माता एवं संतान के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। आंगनबाड़ी के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ लेने तथा बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के प्रति सजग रहने के लिए भी जागरूक किया गया।
🏅 सेवा देने वाले हाथों का सम्मान
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहते हुए उनका सम्मान किया गया। बच्चों और माताओं तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को पहुंचाने में उनकी भूमिका की प्रशंसा की गई।

🤝 जनप्रतिनिधियों की सहभागिता ने बढ़ाई गरिमा
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा की अध्यक्ष श्रीमती सोनी कुमारी झा वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ वार्ड पार्षद प्रमिला सायतोड़े सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और लाभार्थी उपस्थित रहे।
गजरा का यह आयोजन मातृत्व के सम्मान, बच्चों के पोषण, संस्कारों की परंपरा और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता नजर आया। एक ओर जहां गोद भराई ने मातृत्व की खुशियां बांटीं, वहीं अन्नप्राशन ने स्वस्थ बचपन की नींव का संदेश दिया और बच्चों को मिले खिलौनों ने पूरे आयोजन में नन्हीं मुस्कानों के रंग भर दिए।







