नन्हीं मुस्कानों से सजा सेवा का संकल्प, कनसरा आंगनबाड़ी में गूंजा सुपोषण का संदेश
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गोद भराई और अन्नप्राशन की रस्म ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा, बच्चों-माताओं के बीच बांटी खुशियां; आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का हुआ सम्मान
कनसरा, त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// 01 अक्टूबर 2026। आंगनबाड़ी केंद्र कनसरा में गुरुवार को “सेवा संकल्प” कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, आत्मीयता और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की खिलखिलाहट और माताओं की सहभागिता से पूरा केंद्र सेवा, संस्कार और पोषण के संदेश से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों का मुंह मीठा कराया गया। इसके साथ ही गोद भराई एवं अन्नप्राशन संस्कार भी विधिवत संपन्न कराए गए। इन पारंपरिक रस्मों के माध्यम से मातृत्व, शिशु के स्वस्थ विकास और परिवार की खुशहाली का संदेश दिया गया।
पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
कार्यक्रम में माताओं को बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल तथा आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई। बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित पोषण और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर भी चर्चा की गई।

आंगनबाड़ी केंद्र की भूमिका केवल बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और जनजागरूकता के क्षेत्र में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। कार्यक्रम में इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
सेवा देने वाली कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उनके सेवा कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने बच्चों एवं माताओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में देवमिला कंवर कनसरा, जयशीला कंवर बरपानी, जाता डांड, सम्पत्ति कंवर सहित आंगनबाड़ी केंद्र की सभी सहायिकाएं उपस्थित रहीं। माताओं, बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
“सेवा संकल्प” कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बच्चों का पोषण केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वस्थ और मजबूत समाज के निर्माण से जुड़ा सामूहिक दायित्व है। नन्हीं मुस्कानों के बीच आयोजित यह आयोजन सेवा, संस्कार और सुपोषण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
संदेश — “सुपोषित बच्चे, स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज।”







