रंगों में दिखा विकसित भारत का सपना, ई.व्ही.पी.जी. कॉलेज की रंगोली ने जीता जिला स्तरीय मंच का टिकट
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। रंगों की खूबसूरती जब राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ती है तो कला केवल सजावट नहीं रहती, बल्कि एक प्रभावशाली संदेश बन जाती है। शासकीय ई.व्ही.पी.जी. महाविद्यालय कोरबा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग’ रंगोली कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के जरिए विकसित भारत की तस्वीर को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता, स्वदेशी भावना, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और समावेशी विकास जैसे विषयों को कलात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया।
आयुक्त उच्च शिक्षा एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 29 सितंबर 2026 को आयोजित महाविद्यालय स्तरीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के तहत हुए इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ उनमें सामाजिक जागरूकता, सामूहिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम में ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के जिला नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने रंगोली का अवलोकन कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा को समाजहित और राष्ट्र निर्माण के कार्यों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल. एन. कंवर ने विद्यार्थियों से ‘सेवा संकल्प अभियान’ में आगे आकर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मक सोच ही समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रंगोली में उभरी आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर
विद्यार्थियों ने अपनी रंगोली में ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘स्थानीय से वैश्विक’ और ‘समावेशी विकास’ जैसे विषयों को आकर्षक रूप में उकेरा। रंगों और कलात्मक आकृतियों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता की भावना, औद्योगिक और कृषि विकास, महिला एवं श्रमिक सशक्तीकरण तथा भारत की वैश्विक प्रगति का संदेश प्रस्तुत किया गया।
रंगोली में सामाजिक समावेशन, स्वास्थ्य, स्वदेशी भावना और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को भी स्थान मिला। विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयास से यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकसित भारत का सपना केवल सरकार या किसी एक वर्ग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी से साकार हो सकता है।
कार्यक्रम में सहायक नोडल अधिकारी डॉ. दिनेश श्रीवास, संयोजक मधु कंवर तथा समिति सदस्य श्रद्धा सिंह, डॉ. दुर्गा चंद्राकर, लोकेश्वरी एवं चंचल साहू ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
रंगोली निर्माण में प्रवीण कुमार, दीपक प्रसाद, शिव कुमार, उमेंद्र कुमार यादव, दिव्या श्रीवास, फिरतीन पटेल, कनक यादव, प्रतिभा सिंह, आयुषी अडिले, अंकिता शर्मा, डिंपल नामदेव, छायंक कंवर, रिया सारथी, लक्ष्मी, अशिवाना कंवर, ईशिता एवं धनमति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
निरीक्षण में सराही गई विद्यार्थियों की मेहनत
तैयार रंगोलियों का निरीक्षण डॉ. एस.के. गोविल, डॉ. एस.के. शुक्ला, डॉ. एस.के. गुप्ता, बलराम कुर्रे एवं कन्हैया सिंह कंवर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, अनुशासन और सामूहिक प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम की सबसे खास उपलब्धि यह रही कि शासकीय ई.व्ही.पी.जी. महाविद्यालय में तैयार की गई रंगोली का चयन 7 अक्टूबर को घंटाघर के पास आयोजित होने वाले जिला स्तरीय ‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम के लिए किया गया है। महाविद्यालय के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनकी रचनात्मक प्रतिभा और सामूहिक प्रयास की पहचान बनी। इस चयन से विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल रहा तथा महाविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए आगामी जिला स्तरीय आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब युवा अपनी कल्पनाशीलता को सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण के विचारों से जोड़ते हैं, तो रंगोली जैसी कला भी विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन सकती है।







