September 7, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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मातृ दुग्ध दान कर मानवता की मिसाल बनीं 18 माताएं, ‘माता यशोदा सम्मान’ से हुआ अभिनंदन
ग्राम पंचायत सिंघाली में विश्व स्तनपान दिवस समारोह के तहत हुआ विशेष सम्मान कार्यक्रम, मातृत्व और सेवा भावना को मिला सम्मान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कटघोरा/कोरबा। मां की ममता को दुनिया में सबसे अनमोल माना जाता है, लेकिन जब यही ममता किसी जरूरतमंद नवजात के जीवन को पोषण देने का माध्यम बन जाए तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इसी मानवीय भावना और अनुकरणीय सेवा कार्य को सम्मानित करते हुए विकासखंड कटघोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत सिंघाली में मातृ दुग्ध दान करने वाली 18 माताओं को ‘माता यशोदा सम्मान’ एवं सम्मान प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर माताओं के इस पुनीत कार्य में सहयोग करने वाले सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया।

 

 

शासन के निर्देशानुसार मितानिन स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व स्तनपान दिवस समारोह के क्रम में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने मातृत्व, मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध जीवन का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण पोषण स्रोत है। ऐसे में जरूरतमंद नवजातों तक मातृ दुग्ध पहुंचाने वाली माताओं का योगदान समाज के लिए प्रेरणादायी है।
छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना से हुआ शुभारंभ
सम्मान समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उपस्थित अतिथियों ने मातृ दुग्ध दान करने वाली माताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल दान नहीं, बल्कि किसी नवजात के जीवन को स्वस्थ शुरुआत देने वाला संवेदनशील और मानवीय कार्य है।
समारोह में माताओं को सम्मान-पत्र प्रदान करते हुए उनके योगदान को आधुनिक समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया। सम्मानित माताओं ने स्तनपान के माध्यम से आवश्यकता वाले नवजात शिशुओं को अमूल्य जीवन-पोषण उपलब्ध कराकर मातृत्व और सेवा भावना की उत्कृष्ट मिसाल पेश की है।
1 अगस्त से शुरू हुआ जागरूकता और सम्मान का सिलसिला
विश्व स्तनपान दिवस के अंतर्गत निर्धारित कार्यक्रमों का आयोजन 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक किया गया। कार्यक्रमों की बढ़ी हुई अवधि के तहत जागरूकता एवं सम्मान का क्रम 6 सितंबर 2026 तक जारी रहा। इसी कड़ी में सिंघाली में मातृ दुग्ध दान करने वाली माताओं के सम्मान के लिए विशेष समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सम्मान करना ही नहीं, बल्कि समाज में स्तनपान के महत्व और मातृ दुग्ध दान के प्रति सकारात्मक जागरूकता पैदा करना भी रहा। आयोजन के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि आवश्यकता के समय उनका छोटा-सा सहयोग किसी नवजात के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
माता यशोदा सम्मान ने बढ़ाया माताओं का हौसला
कार्यक्रम में सम्मानित माताओं को ‘माता यशोदा सम्मान’ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। सम्मान प्राप्त करने वाली माताओं के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ नजर आया। उपस्थित लोगों ने भी तालियों के साथ माताओं के सेवा कार्य का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि मातृत्व केवल अपने बच्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के प्रति संवेदना और सहयोग की भावना भी मातृत्व के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है। इसी भावना के कारण मातृ दुग्ध दान करने वाली इन माताओं को ‘माता यशोदा’ की उपमा देते हुए सम्मानित किया गया।

 

अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मितानिनों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक रामकुमारी यादव, राजस्व विभाग के पटवारी अंजनी कुमार मिश्रा, RAEO रूपाली कंवर, BRP ब्लॉक समन्वयक ओम प्रकाश डिक्सेना, SPS स्वस्थ पंचायत ब्लॉक समन्वयक लीला पिल्ले सहित मितानिन प्रशिक्षकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
मितानिन प्रशिक्षकों में रेखा पटेल (सिंघाली), रामकुमारी साहू (देवरी), संगीता कंवर (दीपका), तीजबाई (जवाली) सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर सिंघाली की सरपंच ईश्वरीय, चाका बुड़ा की सरपंच उमा देवी, कसईपाली की सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव उत्तरी खूंटे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा पंचगण सदाराम, देवकुमार, बिहनू, कृषक मित्र भरत लाल पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मितानिनों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र की मितानिनों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सन्ता, चंपा, गायत्री, अंबिका, जॉन कुंवर, मालती, बालकुंवर, बसंता, रुक्मणी, रमशीला, लीला, सकून, रामकुमारी सहित अन्य मितानिनों ने आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम में जवाली सहित आसपास के क्षेत्र की सम्मानित माताओं कमलाबाई, दिलहरीन बाई, लता, चंद्राबाई, रेखा आदि को भी सम्मानित किया गया।
सेवा की यह भावना समाज के लिए बने प्रेरणा
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि मातृ दुग्ध दान जैसी पहल समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करती है। जरूरतमंद नवजात के लिए मां के दूध का महत्व अत्यंत अधिक है और इसे उपलब्ध कराने वाली माताओं का योगदान निश्चित रूप से सराहनीय है।
कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया कि नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और बेहतर भविष्य के लिए सामुदायिक सहभागिता जरूरी है। मातृ दुग्ध दान करने वाली 18 माताओं का सम्मान इस बात का संदेश है कि समाज में किए गए छोटे-से-छोटे मानवीय प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
सफल संचालन और आभार के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश द्वारा किया गया। वहीं तीजबाई ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं सम्मानित माताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
सिंघाली में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि इसने मां की ममता, मानवता की संवेदना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का ऐसा संदेश दिया, जो निश्चित रूप से अन्य महिलाओं और समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

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