August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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थाने में जब्त वाहन से टायर और धान गायब, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

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बलरामपुर जिले के बसंतपुर थाना से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस कस्टडी में रखे गए एक पिकअप वाहन से टायर बदलने और धान की बोरी कम होने के आरोप ने थानों में जब्त संपत्ति की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**   प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश निवासी मटुकधारी (पिता धनुकधारी) 27 नवंबर 2025 को अपने पिकअप वाहन (UP 64 CT 4056) में 67 बोरी धान लेकर छत्तीसगढ़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बसंतपुर थाना स्टाफ द्वारा वाहन का पीछा किया गया।
बताया जाता है कि वाहन को बसंतपुर निवासी राजकुमार गुप्ता के घर के पास खड़ा कर दिया गया, जहां से चालक फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।
वाहन थाने तक कैसे पहुंचा?
स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, पुलिस द्वारा उन्हें वाहन को थाने तक पहुंचाने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने स्वयं पिकअप को चलाकर बसंतपुर थाना पहुंचाया। आगे चलकर वाड्रफनगर तहसील के तहसीलदार द्वारा वाहन को जब्त कर थाना प्रभारी को सुपुर्द किया गया।
कोर्ट आदेश के बाद खुला मामला
24 अप्रैल 2026 को बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय द्वारा वाहन रिलीज करने का आदेश जारी किया गया। आदेश लेकर जब वाहन मालिक मटुकधारी थाने पहुंचे और वाहन देखा, तो वे हैरान रह गए।
उनके अनुसार—
वाहन के दो नए टायर गायब थे और उनकी जगह पुराने व खराब टायर लगे थे
67 बोरी धान में से 4 बोरी कम पाई गई
मौके पर हुई पुष्टि
सूचना मिलने पर पत्रकार रामहरी गुप्ता मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि पिकअप वाहन अपेक्षाकृत नया था और कुछ टायर कंपनी के ओरिजिनल थे, जबकि दो टायर बदले हुए प्रतीत हो रहे थे। इससे टायर बदलने की आशंका और गहरा गई।
पीड़ित का आरोप और विरोध
वाहन मालिक मटुकधारी ने इस मामले में गंभीर लापरवाही या संभावित गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है—
“यदि थाना परिसर में ही जब्त वाहन सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनके टायर और धान की कमी की भरपाई नहीं होती, वे वाहन को थाने से नहीं ले जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मामले की जानकारी देने के लिए पुलिस अधीक्षक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद डीएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी को अवगत कराया गया।
डीएसपी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
इससे पहले सरगुजा जिले के दरिमा थाना में भी जब्त वाहन से टायर और पार्ट्स गायब होने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में विभागीय जांच के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ था कि थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा एक गंभीर जिम्मेदारी है।
उठते सवाल
इस ताजा मामले ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या थानों में जब्त वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है?
क्या निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने की आवश्यकता है?
जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया कितनी प्रभावी है?
सुधार की जरूरत
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह संकेत मिलता है कि जब्त संपत्तियों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।

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