कोरबा में आध्यात्मिक उमंग का सैलाब: दिव्य सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन हेतु उमड़े हजारों श्रद्धालु



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//** कोरबा। शहर के घंटाघर ओपन थियेटर में उस समय अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया, जब Art of Living द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में दुर्लभ एवं दिव्य सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक चले इस आयोजन में लगभग 3 घंटे तक श्रद्धालुओं को शिवलिंग के साक्षात दर्शन का अवसर मिला, जिससे पूरा परिसर भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम स्थल पर विशेष भजन मंडली द्वारा शिव भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी, जिससे सभी को सुव्यवस्थित तरीके से शिवलिंग के समीप जाकर दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर स्वामी प्रणवानंद महाराज के सानिध्य में लगभग 40 मिनट तक विधिवत रुद्राभिषेक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। स्वामी प्रणवानंद महाराज ने बताया कि यह दिव्य शिवलिंग देशभर में भ्रमण कर रहा है और इसका उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को इस दुर्लभ धरोहर के दर्शन कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि यह जिम्मेदारी उन्हें Sri Sri Ravi Shankar द्वारा सौंपी गई है।

🕉️ ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व
मान्यताओं के अनुसार, Somnath Temple में स्थित ज्योतिर्लिंग को प्राचीन काल में विदेशी आक्रमणों के दौरान खंडित कर दिया गया था। बताया जाता है कि उस समय अग्निहोत्री ब्राह्मणों ने इसके पवित्र अंशों को सुरक्षित रखकर दक्षिण भारत में संरक्षित किया। यह धरोहर लगभग एक हजार वर्षों तक गुरु-शिष्य परंपरा में गुप्त रूप से पूजित होती रही। वर्ष 1924 में कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य के निर्देशानुसार इसे पुनः सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया।
🔱 दिव्य शिवलिंग की विशेषताएं
इस शिवलिंग को लेकर यह भी दावा किया जाता है कि इसमें अद्भुत चुंबकीय गुण हैं, जो सामान्य धातुओं से भिन्न हैं। मान्यता है कि यह शिवलिंग कभी भूमि को स्पर्श नहीं करता था और हवा में स्थित रहता था। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसमें विशेष प्रकार की धातु होने की बात कही जाती है, जिसे पृथ्वी पर दुर्लभ माना जाता है।
🙏 श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
कोरबा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इस दिव्य अवसर का लाभ उठाने पहुंचे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति भाव देखने को मिला। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, पार्षद नरेंद्र देवांगन, नरेंद्र पाटनवार, मेदनी मिश्रा, श्यामलाल अग्रवाल, अशोक तिवारी, अमित चौबे, अशोक देशमुख, महावीर अग्रवाल, अनीता चाको, सत्यप्रकाश गुप्ता, मनोज सराफ, अंकित अग्रवाल, चेतन राठौर, कमलेश यादव, अशोक मोदी, राजा मोदी, मुरारी सोनी, ज्वाला हंसा, बी.के. सिंह, सुमेर डालमिया, राजेंद्र राम, रेखा सिंह, सुचित्रा गुप्ता, संदीप शर्मा, चंद्र प्रकाश, रामू सिंह, मनीष मनवानी, पीयूष संतानी सहित आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
स्वामी प्रणवानंद महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सनातन धर्म को मिटाने के कई प्रयास हुए, लेकिन यह पुनः अपनी दिव्यता के साथ सामने आता है। यही इसकी शक्ति और पहचान है।”
इस भव्य आयोजन ने कोरबा में आध्यात्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की और श्रद्धालुओं के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।


