August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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भक्ति, ज्ञान और संगीत का महाआयोजन: राम सागर पारा में गूंजेगा श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ

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09 अप्रैल से 17 अप्रैल तक नौ दिवसीय कथा महोत्सव, कलश यात्रा से होगा शुभारंभ… श्रीकृष्ण लीला, अवतार प्रसंग, राम जन्मोत्सव और तुलसी वर्षा बनेगी आकर्षण का केंद्र

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा  धार्मिक आस्था, सनातन संस्कृति और भक्ति रस से सराबोर होने जा रहा है राम सागर पारा, साईं मंदिर के पास स्थित क्षेत्र, जहां 09 अप्रैल 2026 से 17 अप्रैल 2026 तक संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में धर्म, संस्कार, संगीत और भक्ति का दिव्य वातावरण निर्मित करेगा।
यह नौ दिवसीय आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की अनुकंपा, पूर्वजों के आशीर्वाद और परिवार की धार्मिक आस्था से प्रेरित होकर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालुओं, भक्तों, मातृशक्ति, युवाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी की संभावना है। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी जनों से सपरिवार उपस्थित होकर कथा अमृत का रसपान करने और अपने जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने का आग्रह किया है।
कलश यात्रा से होगा भव्य शुभारंभ, पहले ही दिन उमड़ेगी आस्था की भीड़
कार्यक्रम का शुभारंभ 09 अप्रैल 2026, गुरुवार को दोपहर 3 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। परंपरागत वेशभूषा में सजी महिलाएं, मंगलगीत, शंखध्वनि, जयघोष और भक्ति संगीत के बीच निकलने वाली यह कलश यात्रा पूरे क्षेत्र को धर्ममय और उत्सवमय वातावरण में रंग देगी।
इसके बाद प्रतिदिन कथा स्थल पर दोपहर 3:00 बजे से हरि कृपा तक भागवत कथा का वाचन, भजन, संकीर्तन और दिव्य प्रसंगों का श्रवण कराया जाएगा।
नौ दिनों तक भक्ति और ज्ञान की अमृतवर्षा
इस महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्रीमद् भागवत के विविध प्रसंगों, भगवान के अवतारों, भक्त चरित्रों और धर्म-संस्कार की अमूल्य शिक्षाओं का रसपूर्ण वर्णन किया जाएगा। प्रत्येक दिन कथा का विषय अलग और अत्यंत प्रेरणादायक रहेगा।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां इस प्रकार रहेंगी:
09 अप्रैल 2026, गुरुवार
कलश यात्रा
दोपहर 3 बजे से भव्य शुरुआत
10 अप्रैल 2026, शुक्रवार
वेदी स्थापना एवं कथा महात्म्य
कथा के महत्व, भागवत श्रवण के पुण्य और सनातन जीवन मूल्यों का विस्तार
11 अप्रैल 2026, शनिवार
वराह अवतार एवं कपिल अवतार
धर्म रक्षा, सृष्टि संतुलन और ज्ञान की महिमा का दिव्य वर्णन
12 अप्रैल 2026, रविवार
ध्रुव चरित्र एवं ऋषभ अवतार
अटूट भक्ति, तपस्या और बाल संस्कारों का प्रेरणादायी संदेश
13 अप्रैल 2026, सोमवार
प्रह्लाद चरित्र एवं वामन अवतार
भक्ति की विजय, अहंकार का पतन और ईश्वर की करुणा का अद्भुत प्रसंग
14 अप्रैल 2026, मंगलवार
श्रीराम जन्म एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
यह दिन आयोजन का अत्यंत विशेष आकर्षण रहेगा, जब कथा स्थल पर भक्ति, उत्साह और उल्लास का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा
15 अप्रैल 2026, बुधवार
श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह उत्सव
श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग के साथ भक्ति और प्रेम की पावन अनुभूति
16 अप्रैल 2026, गुरुवार
सुदामा चरित्र एवं परीक्षित स्वर्गारोहण
मित्रता, विनम्रता, समर्पण और मोक्ष की महान सीख
17 अप्रैल 2026, शुक्रवार
तुलसी वर्षा, सहस्रधारा, पूर्णाहुति एवं प्रसाद वितरण
अंतिम दिवस पर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का चरम दृश्य देखने को मिलेगा

 

 

कथा स्थल बनेगा आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
आयोजन स्थल राम सागर पारा, साईं मंदिर के पास, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) में पूरे नौ दिनों तक भक्ति संगीत, प्रवचन, शास्त्रीय व्याख्या और धार्मिक अनुष्ठानों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, कथा का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव, पारिवारिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना है।
इस प्रकार के आयोजन से जहां एक ओर बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है, वहीं दूसरी ओर परिवारों में धार्मिक वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कथा वाचन और वैदिक अनुष्ठानों से सजेगा आयोजन
इस पावन आयोजन में कथा वाचक पं. श्रीकांत दुबे जी द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का रसपूर्ण वाचन किया जाएगा। उनके मुखारविंद से भगवान की लीलाओं, भक्त चरित्रों और धर्ममय प्रसंगों का श्रवण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
वहीं वैदिक अनुष्ठानों और धार्मिक विधियों का संचालन आचार्य पं. श्री रमेशचंद्र प्रभाकर दुबे जी द्वारा किया जाएगा, जिनके निर्देशन में संपूर्ण कार्यक्रम शास्त्रोक्त विधि-विधान से संपन्न होगा।
आयोजक परिवार ने किया सपरिवार आमंत्रण
इस पावन आयोजन के प्रमुख यजमान श्रीमान संतोष केशरवानी एवं श्रीमती सविता केशरवानी ने समस्त श्रद्धालुजनों, इष्ट मित्रों, परिजनों और क्षेत्रवासियों से सादर निवेदन किया है कि वे इस संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में सपरिवार उपस्थित होकर कथा श्रवण का पुण्य लाभ प्राप्त करें।
आयोजकों का कहना है कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाला आध्यात्मिक महाउत्सव है, जहां मन को शांति, बुद्धि को विवेक और आत्मा को संतोष प्राप्त होता है।
बच्चों और युवाओं के लिए भी खास संदेश
आज के दौर में जब नई पीढ़ी आधुनिकता की तेज़ रफ्तार में अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, ऐसे में इस तरह के धार्मिक आयोजन बच्चों और युवाओं के लिए संस्कारों की पाठशाला साबित होते हैं।
ध्रुव, प्रह्लाद, सुदामा और श्रीकृष्ण जैसे चरित्र न केवल धार्मिक कथाएं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला, संघर्ष में धैर्य, सच्ची मित्रता, भक्ति और विनम्रता का संदेश देते हैं।
इसी कारण अभिभावकों से भी अपील की जा रही है कि वे अपने बच्चों को कथा स्थल लेकर आएं ताकि वे भारतीय संस्कृति, धर्म और जीवन मूल्यों को निकट से समझ सकें।
पूरे क्षेत्र में उत्साह, श्रद्धालुओं में भारी उमंग
कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में उत्साह, उल्लास और धार्मिक जागरण का माहौल बन गया है। स्थानीय श्रद्धालुजन, महिलाएं, युवा और समाजसेवी इस आयोजन को सफल बनाने में जुट गए हैं।
अनुमान है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचकर भागवत कथा, भजन, संकीर्तन और प्रसाद का लाभ उठाएंगे।

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