June 19, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“बचपन की टिकट” से फिर लौटेगा गांव का सुनहरा दौर, कोरबा में महिलाओं के लिए होगा खेल, उत्साह और उमंग का महाउत्सव

 

 

डॉ. सुष्री सरोज पाण्डेय की प्रेरणा से ‘चलव दीदी… खेल खेले बर जाबो…’ थीम पर महिलाओं के लिए निःशुल्क खेल प्रतियोगिता 12 अप्रैल को

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//**  कोरबा तेजी से बदलते आधुनिक जीवन, मोबाइल और भागदौड़ भरी दिनचर्या के बीच अब बचपन की यादें, पारंपरिक खेल और महिलाओं की सामूहिक ऊर्जा को फिर से जीवंत करने की अनोखी पहल “बचपन की टिकट” के रूप में सामने आई है।
12 अप्रैल 2026, रविवार को अशोक वाटिका, टी.पी. नगर, कोरबा में महिलाओं के लिए एक विशाल निःशुल्क खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शहर और आसपास की महिलाएं अपने बचपन के खेल, उत्साह और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महिला शक्ति, लोकसंस्कृति, स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सामूहिक आनंद का उत्सव बनकर सामने आ रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण यह है कि इसमें महिलाएं उन खेलों में भाग लेंगी, जिन्हें कभी गांव-गली, मोहल्लों और आंगनों में बड़े उत्साह से खेला जाता था, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में वे धीरे-धीरे पीछे छूटते चले गए।
“चलव दीदी… खेल खेले बर जाबो…” बना महिलाओं के उत्साह का नया नारा
इस आयोजन की थीम “चलव दीदी… खेल खेले बर जाबो…” ने महिलाओं के बीच खासा उत्साह पैदा कर दिया है।

 

 

यह नारा केवल एक आमंत्रण नहीं, बल्कि महिलाओं को घर की जिम्मेदारियों से थोड़ी देर बाहर निकलकर अपने बचपन, अपनी ऊर्जा और अपने आत्मविश्वास से फिर जुड़ने का भावनात्मक संदेश भी है।
कार्यक्रम में महिलाओं को खेल-खेल में मनोरंजन, स्वास्थ्य, आत्मीयता और सामाजिक जुड़ाव का एक अनोखा मंच मिलेगा।
ऐसे आयोजन महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय बनाते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी भी बढ़ाते हैं।
खेलों में दिखेगी बचपन की मस्ती, गांव-गली की यादें होंगी ताजा
इस प्रतियोगिता में महिलाओं के लिए पारंपरिक और मनोरंजक खेलों की लंबी श्रृंखला रखी गई है।
पोस्टर के अनुसार प्रतियोगिता में खो-खो, कबड्डी, बिलस/बिल्लस, गोटा, हाऊजी, फुगड़ी, चम्मच दौड़, कुर्सी दौड़, रस्सी खींच, बोरा दौड़, जलेबी दौड़ जैसे कई रोचक खेल शामिल किए गए हैं।
इन खेलों की सबसे खास बात यह है कि ये केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि हंसी, खुशी, अपनापन और सामूहिक आनंद का माहौल तैयार करते हैं।
ऐसे खेलों में भाग लेकर महिलाएं न सिर्फ अपनी छिपी प्रतिभा को सामने ला सकेंगी, बल्कि तनावमुक्त, प्रसन्न और ऊर्जावान अनुभव भी प्राप्त करेंगी।
स्थानीय महिलाओं में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह कार्यक्रम उन्हें मंच, सम्मान और खुलकर अपनी पहचान दिखाने का अवसर प्रदान करेगा।
18 से 25 वर्ष और 25 वर्ष से ऊपर की महिलाओं के लिए अलग श्रेणियां
आयोजकों ने प्रतियोगिता को अधिक समावेशी और व्यवस्थित बनाने के लिए महिलाओं को दो आयु वर्गों में शामिल किया है—
18 से 25 वर्ष
25 वर्ष से ऊपर
इन दोनों श्रेणियों की महिलाएं प्रतियोगिता में निःशुल्क भाग ले सकेंगी।
यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि विभिन्न आयु वर्ग की महिलाएं एक साथ मंच पर आएंगी, जिससे पीढ़ियों के बीच जुड़ाव और सहभागिता भी बढ़ेगी।
विजेताओं के लिए आकर्षक उपहार, प्रतिभा और सहभागिता दोनों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं के लिए यह आयोजन सिर्फ मनोरंजन का अवसर नहीं होगा, बल्कि इसमें हर प्रतियोगिता की विजेता के लिए आकर्षक उपहार भी रखे गए हैं।
इससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया है।
आयोजकों का मानना है कि जब महिलाओं को खेल, सम्मान और मंच एक साथ मिलता है, तब समाज में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होते हैं।
यह कार्यक्रम उसी सोच का विस्तार है, जिसमें “मनोरंजन के साथ महिला सशक्तिकरण” का सुंदर संदेश छिपा हुआ है।
डॉ. सुष्री सरोज पाण्डेय का नाम जुड़ने से कार्यक्रम को मिला विशेष आकर्षण
पोस्टर में भाजपा की वरिष्ठ नेत्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. सुष्री सरोज पाण्डेय का नाम और चित्र प्रमुखता से दर्शाया गया है, जिससे यह आयोजन और अधिक आकर्षण एवं चर्चा का केंद्र बन गया है।
उनकी प्रेरणा और महिला नेतृत्व की छवि इस कार्यक्रम को महिला जागरूकता, सामाजिक भागीदारी और प्रेरणादायक उपस्थिति से जोड़ती है।
स्थानीय स्तर पर इसे महिलाओं के बीच आत्मविश्वास, सामाजिक सम्मान और सक्रिय भागीदारी बढ़ाने वाला आयोजन माना जा रहा है।
यह कार्यक्रम महिलाओं को यह संदेश देता है कि वे केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक मंचों पर भी समान रूप से आगे बढ़ सकती हैं।
सखी-सहेली महिला समूह, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजन
इस भव्य आयोजन का संचालन “सखी-सहेली महिला समूह, छत्तीसगढ़” द्वारा किया जा रहा है।
समूह का उद्देश्य महिलाओं को एकजुट करना, सक्रिय बनाना, सामाजिक रूप से सशक्त करना और सांस्कृतिक-खेल गतिविधियों से जोड़ना बताया जा रहा है।
आयोजकों ने अधिक से अधिक महिलाओं से अपील की है कि वे इस अनोखे आयोजन में भाग लेकर अपने बचपन की यादों को फिर से जिएं, नई ऊर्जा के साथ आगे आएं और खेल के माध्यम से उत्सव का हिस्सा बनें।
पंजीयन हेतु संपर्क
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन हेतु पोस्टर में संपर्क नंबर जारी किए गए हैं—
93021-44441
90982-69420
87702-47100
83197-99974
आयोजकों की अपील
आयोजकों ने महिलाओं से कहा है कि—
“यह केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बचपन की मुस्कान, अपनापन, बहनापा और महिला ऊर्जा का उत्सव है। आइए, घर से बाहर निकलें और फिर से वही खुशी जिएं, जो कभी बचपन में खेलते हुए महसूस होती थी।”

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