August 15, 2026

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कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को प्रदेश नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा -ठाकुर

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रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व का छत्तीसगढ़ के अपने नेताओं से भरोसा उठ चुका है, शायद इसी कारण से प्रदेश में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बनाने के लिए फैसले दिल्ली में लिए जा रहे हैं और इस काम के लिए आब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि यहाँ के नेताओं की आपसी सिर-फुटव्वल के कारण कांग्रेस के हाईकमान को इस प्रकार के निर्णय लेने पड़ रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि कहीं-न-कहीं कांग्रेस दो या कई धड़ों में बँटी हुई साफ नजर आ रही है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस एक अलग तरीके से काम कर रही है तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की कांग्रेस अलग तरह से काम कर रही है। इधर, कांग्रेस हाईकमान को कभी भी आदिवासी नेतृत्व पर भरोसा नहीं रहा है, शायद इसीलिए बैज को फ्री हैंड नहीं दिया गया और दिल्ली से ऑब्जर्वर भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक तरफ कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल, सत्ता-सुखभोगी, चमचा कहकर अपमानित किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ बड़े नेताओं के अपमान का क्रम भी शुरू हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में एक पूर्व आदिवासी मंत्री को माइक छीनकर बोलने से रोककर जिस तरह से कांग्रेस के लोगों ने अपमानित किया, पूरा प्रदेश उसका साक्षी है। लेकिन कांग्रेस ने कभी इस मुद्दे पर एक शब्द तक नहीं बोला। यहाँ तक कि अजजा वर्ग के पूर्व मंत्री को अपमानित करने वाले पदाधिकारी को नोटिस तक जारी करने या उनसे पूछताछ करने के लिए सबने मुँह में दही रखा है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि इसी प्रकार दीपक बैज को बदलने के लिए कांग्रेस के ही पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे का स्वर ऊँचा उठ चुका है। उसके बाद जिला अध्यक्षों की बैठक में बैज और बघेल समर्थकों की तीखी तकरार भी प्रदेश ने देखी जिसमें नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने यह कहकर उस मामले में दखल दी कि कांग्रेस के नेता अपने चमचों को सम्भालकर रखें और ठीक से बोलने की नसीहत दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस वक्त छत्तीसगढ़ में मुद्दों के गम्भीर संकट से जूझ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार जिस प्रकार से सुशासन की अवधारणा के साथ काम कर रही है, कांग्रेस न केवल मुद्दाविहीन, अपितु नेतृत्व विहीन भी हो चुकी है और अपने ही कांग्रेस परिवार को बचाने के लिए जूझ रही है। ऐसे हालात में दिल्ली हाईकमान छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं पर भरोसा नहीं कर रहा है और इसीलिए 17 ऑब्जर्वर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बनाने के लिए भेजे जा रहे हैं।

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