February 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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Trinetra times Korba। आज यानि 18 जनवरी को राम मंदिर में भगवान राम की मूर्ति का प्रवेश होगा. 22 जनवरी को अयोध्या में के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा. वहीं जिस प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है, आज उसे गर्भ गृह में अपने आसन पर खड़ा कर दिया जाएगा. हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. ऐसे में 18 जनवरी को आज पूर्व पांच दिवसीय अनुष्ठान में गणेश, अंबिका और तीर्थ पूजा की जाएगी.

18 जनवरी को जल यात्रा भी होगी. इसके बाद अधिवास आयोजित होंगे. अधिवास वह प्रक्रिया है जिसमें मूर्ति को विभिन्न सामग्रियों में कुछ समय तक के लिए रखा जाता है. कहते हैं मूर्ति पर शिल्पकार के औजारों से आई चोट अधिवास से ठीक हो जाती है. तमाम दोष खत्म हो जाते है.

16 जनवरी से ही मंदिर प्रांगण में पूजन विधि और अनुष्ठान का पवित्र सिलसिला आरंभ हो चुका है. भक्ति और हर्ष का यह वातावरण आज और भी गहरा जाएगा, जब रामलला की मूर्ति को उनकी नई, स्थायी गद्दी पर विराजमान किया जाएगा. यह मूर्ति शालिग्राम शिला से निर्मित है, जिसे पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है. यह क्षण न केवल अयोध्या वासियों के लिए, बल्कि समस्त भारत के लिए ऐतिहासिक और आनंद-भरे उत्सव का अवसर है.

22 जनवरी का दिन और भी पावन होगा, जब प्राण-प्रतिष्ठा के साथ रामलला को जीवन का स्पर्श दिया जाएगा। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था मूर्त रूप में लहराएगी, रामभक्ति का सागर अयोध्या की गलियों में ही नहीं, पूरे भारत में उफान मारेगा.

भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा योग का शुभ मुहूर्त, पौष शुक्ल कूर्म द्वादशी, विक्रम संवत 2080, यानी सोमवार, 22 जनवरी, 2024 को आ रहा है. सभी शास्त्रीय परंपराओं का पालन करते हुए, प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न किया जाएगा.राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का समय 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक रहेगा. प्राण प्रतिष्ठा के लिए मात्र 84 सेकेंड के लिए प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त रहेगा.

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