वनांचल के गांवों में गूंज रही हनुमान चालीसा, बच्चों में संस्कार और समाज में एकता की अलख जगा रहा एकल अभियान देवपहरी
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बड़गांव और सुर्वे में प्रत्येक मंगलवार धार्मिक आयोजन की अनूठी पहल, पूजा-अर्चना और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से जुड़ रहे बच्चे और ग्रामीण
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा/देवपहरी। वनांचल की शांत वादियों में जब श्री हनुमान चालीसा की चौपाइयां गूंजती हैं, तो वातावरण भक्तिमय होने के साथ ही सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश भी देता है। कोरबा जिले के देवपहरी क्षेत्र में एकल अभियान के अंतर्गत बड़गांव और सुर्वे में संचालित धार्मिक एवं संस्कार आधारित गतिविधियां इसी भावना को आगे बढ़ा रही हैं। यहां प्रत्येक मंगलवार को बच्चों और ग्रामवासियों के सहयोग से श्री हनुमान चालीसा का पाठ, पूजा-अर्चना और आरती की जाती है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामूहिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
एकल अभियान देवपहरी की यह पहल केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जीवन में संस्कार, सहयोग और सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बन रही है। बच्चों की भागीदारी से इन आयोजनों में नई ऊर्जा दिखाई देती है, वहीं ग्रामवासियों की सहभागिता सामुदायिक जुड़ाव को मजबूत करने में योगदान दे रही है।

बड़गांव में बच्चों की भागीदारी से भक्तिमय हुआ हनुमान मंदिर
बड़गांव स्थित एकल विद्यालय में आचार्या गणेशी कंवर के नेतृत्व में विद्यालय संच समिति और ग्राम समिति के सहयोग से धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों को साथ लेकर सड़क किनारे स्थित हनुमान मंदिर में श्री हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई।
कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। धार्मिक वातावरण के बीच उन्हें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित होने और सामूहिक रूप से प्रार्थना करने का अवसर मिला। ग्रामीण परिवेश में इस तरह की गतिविधियां बच्चों को सामाजिक जीवन से जोड़ने तथा उनमें अनुशासन, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समझ विकसित करने का प्रयास हैं।
इस अवसर पर संच समिति देवपहरी के धन सिंह कंवर, चंदन सिंह कंवर, सत्संग प्रमुख फितन सिंह कंवर, युवा समिति से पंकज पैकरा एवं संतराम कंवर तथा पूर्व आचार्य आनंद राम मांझी सहित विद्यालय के बच्चे उपस्थित रहे।
सुर्वे में भी हर मंगलवार गूंजता है हनुमान चालीसा का पाठ
देवपहरी क्षेत्र के सुर्वे गांव में भी धार्मिक आस्था और सामूहिक सहभागिता की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है। यहां ग्राम प्रमुख अमीर साय एवं रामकुमार मंझवार के आंगन में स्थित सार्वजनिक शिवलिंग के समीप प्रत्येक मंगलवार को ग्रामवासियों द्वारा श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है।
इस आयोजन में स्वयंसेवक सूरज यादव और एकल विद्यालय की आचार्या सविता पैकरा की सहभागिता रहती है। ग्रामीणों के सहयोग से आयोजित होने वाला यह धार्मिक कार्यक्रम गांव के लोगों को एक साथ आने, पूजा-अर्चना करने और अपनी परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर प्रदान करता है।
शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति से जुड़ाव पर जोर
एकल अभियान देवपहरी के अंतर्गत बड़गांव और सुर्वे में हो रही ये गतिविधियां ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के साथ सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास हैं। बच्चों को धार्मिक आयोजनों में सहभागी बनाकर उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इन आयोजनों की खासियत यह है कि इनमें विद्यालय से जुड़े लोगों के साथ ग्रामवासी भी सहयोग करते हैं। इससे बच्चों और समाज के बीच संवाद तथा सहभागिता का अवसर बनता है। स्थानीय स्तर पर सामूहिक रूप से होने वाली ऐसी पहलें ग्रामीण जीवन की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
वनांचल में संस्कारों की अलख, सामूहिक सहभागिता से मजबूत होता सामाजिक जुड़ाव
देवपहरी के बड़गांव और सुर्वे में प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाला श्री हनुमान चालीसा पाठ यह संदेश देता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से परिचित कराना भी है। बच्चों की सक्रिय भागीदारी और ग्रामवासियों के सहयोग से ये आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामुदायिक जुड़ाव का अवसर बन रहे हैं।
एकल अभियान देवपहरी का ध्येय है— शिक्षा, संस्कार, जागरण और ग्राम विकास। इसी भावना के साथ वनांचल के गांवों में बच्चों और ग्रामीणों को जोड़कर सांस्कृतिक चेतना तथा सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
जय श्रीराम! जय बजरंगबली!
