October 21, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

रामलीला की जीवंत प्रस्तुतियों और भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकियों ने मोहा मन, बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने किया रावण-दहन

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//  बालकोनगर, 21 अक्टूबर 2026। धर्म, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के रंग में रंगे बालकोनगर में विजयादशमी का पर्व पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। रामलीला मैदान में बालको सार्वजनिक विजयादशमी समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य समारोह में भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान जी की आकर्षक झांकियों, रामलीला की मनमोहक प्रस्तुतियों तथा रावण-दहन ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने रावण-दहन कर असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।

उत्सव के दौरान रामलीला मैदान में श्रद्धा और उल्लास का विशेष वातावरण देखने को मिला। पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। भगवान श्रीराम की आराधना कर कंपनी, कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की गई। बीते दिनों आयोजित रामलीला की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

रावण-दहन बना समारोह का मुख्य आकर्षण

विजयादशमी उत्सव का सबसे रोमांचक और प्रतीक्षित क्षण रावण-दहन रहा। राजेश कुमार सिंह द्वारा रावण-दहन किए जाने के साथ ही मैदान में उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां साझा कीं। रावण-दहन ने यह संदेश दिया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न दिखाई दें, अंततः विजय सत्य, धर्म और सदाचार की ही होती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बालकोनगर सहित आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

49 वर्षों से संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक

बालकोनगर का सार्वजनिक विजयादशमी उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता की पहचान बन चुका है। पिछले 49 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का कार्य कर रही है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह उत्सव लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करता है।

नई पीढ़ी तक पहुंच रही परंपराओं की विरासत

रामलीला मंचन, धार्मिक झांकियों और रावण-दहन जैसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन और विजयादशमी के वास्तविक महत्व से परिचित होने का अवसर मिलता है। यह पर्व याद दिलाता है कि जीवन में सत्य, न्याय, संयम और सदाचार का मार्ग ही सबसे श्रेष्ठ है।

बालकोनगर में आयोजित विजयादशमी उत्सव ने एक बार फिर धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकजुटता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। 49 वर्षों से निरंतर आगे बढ़ रही यह परंपरा क्षेत्र की पहचान को समृद्ध करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय संस्कृति और मूल्यों की प्रेरणास्रोत बनी हुई है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.