पाली में राशन वितरण पर गंभीर सवाल! चावल में कंकड़, कीड़े और अत्यधिक नमी का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
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श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, खराब चावल के वितरण पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। विकासखंड पाली के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से राशन दुकानों में वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल ने जिला कलेक्टर कोरबा के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर आरोप लगाया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को कंकड़, कीड़े और अत्यधिक नमी वाला चावल वितरित किया जा रहा है। शिकायत में दावा किया गया है कि इस तरह का चावल ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
कलेक्टर के समक्ष शिकायत, राशन की गुणवत्ता पर सवाल
श्रीमती निकिता मुकेश जायसवाल ने अपनी शिकायत में विकासखंड पाली के ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों से वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता पर चिंता जताई है। शिकायत के अनुसार, चावल में कंकड़ और कीड़े पाए जाने के साथ उसमें अत्यधिक नमी होने की बात कही गई है। यदि ये आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता तथा वितरण व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
NAN और पीडीएस से जुड़े जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग
शिकायतकर्ता ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि खराब गुणवत्ता वाले चावल का वितरण तत्काल बंद कराया जाए और संबंधित चावल को वापस कराकर उसकी जगह अच्छी गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) तथा नान (NAN) से संबंधित ठेकेदारों और वितरण व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
शिकायत में स्पष्ट रूप से खाद्यान्न की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और वितरण प्रक्रिया में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई है। अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि ग्रामीणों को वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई और यदि खाद्यान्न निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उसकी आपूर्ति तथा वितरण के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी भेजी गई शिकायत की प्रतिलिपि
इस मामले को केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रखा गया है। शिकायत की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को भी आवश्यक कार्रवाई और जानकारी के लिए भेजे जाने का उल्लेख पत्र में है। इससे शिकायतकर्ता ने मामले को उच्च स्तर पर उठाते हुए खाद्यान्न वितरण की गुणवत्ता पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
पाली के ग्रामीण क्षेत्रों में राशन के रूप में वितरित किए जा रहे चावल की गुणवत्ता को लेकर उठे इन सवालों पर प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। संबंधित खाद्यान्न के नमूनों की जांच, भंडारण की स्थिति, आपूर्ति के रिकॉर्ड और वितरण व्यवस्था की पड़ताल से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को निर्धारित गुणवत्ता का खाद्यान्न मिल सके।
अब निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। क्या शिकायत के आधार पर चावल की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? क्या खराब पाए जाने पर संबंधित खाद्यान्न का वितरण रोका जाएगा? और क्या जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी? इन सवालों का जवाब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।
