अग्रसेन जयंती के मंच से अशोक मोदी का समाज को संदेश—परिवारों में सद्भाव, बेटियों को उच्च शिक्षा और सेवा कार्यों को मिले नई दिशा
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राजनांदगांव में भव्य अग्रसेन जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए कोरबा के उद्योगपति एवं समाजसेवी अशोक कुमार मोदी, विवाह संबंधों में संवाद, सामाजिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और राजनीति में समाज की भागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// राजनांदगांव। भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी की जयंती के पावन अवसर पर 11 अक्टूबर 2026 को श्री अग्रवाल सभा, राजनांदगांव द्वारा आयोजित भव्य अग्रसेन जयंती समारोह धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और जनसेवा के संकल्प का प्रभावशाली मंच बना। समारोह में कोरबा के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी, कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन तथा छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक कुमार मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ परिवारों को मजबूत बनाने, विवाह योग्य युवक-युवतियों के भविष्य, बेटियों की उच्च शिक्षा, वैवाहिक विवादों के समाधान, राजनीतिक सहभागिता और प्रदेशव्यापी समाजसेवा को नई दिशा देने का आह्वान किया।
समारोह की अध्यक्षता गौरीशंकर अग्रवाल ने की। भिलाई से सुधीर बंसल एवं आशा बंसल तथा रायपुर से अनिल अग्रवाल एवं मंजू अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों के प्रति श्रद्धा और समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का भाव दिखाई दिया।
धार्मिक अनुष्ठानों से हुआ शुभारंभ, अग्रसेन जी के जयघोष से गूंजा समारोह
समारोह का शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और आरती के साथ हुआ। मुख्य अतिथि अशोक कुमार मोदी के कर-कमलों से गंगा आरती, माता दुर्गा जी एवं भगवान श्री हनुमान जी की आरती संपन्न हुई। इसके पश्चात मंच पर अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
आयोजन में समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सहभागिता ने उत्सव को विशेष गरिमा प्रदान की। धार्मिक श्रद्धा के साथ सामाजिक दायित्वों पर केंद्रित विचारों ने समारोह को केवल जयंती आयोजन तक सीमित न रखते हुए समाज की भावी दिशा पर विमर्श का अवसर बनाया।
सेवा, समानता और उद्यमशीलता—अग्रसेन जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारने का आह्वान
मुख्य अतिथि अशोक मोदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी ने समाज को समानता, सहयोग, परोपकार, उद्यमशीलता और लोककल्याण की प्रेरणा दी। अग्रवाल समाज ने इन आदर्शों से प्रेरणा लेकर व्यापार एवं उद्योग के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और मानवीय सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि अनाथालयों, वृद्धाश्रमों, धर्मशालाओं, अस्पतालों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, मंदिरों, प्याऊ और विभिन्न जनकल्याणकारी संस्थाओं के माध्यम से समाज के लोग निरंतर सेवा कार्य करते रहे हैं। जरूरतमंदों की सहायता करना, शिक्षा को प्रोत्साहित करना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपरा है।
उन्होंने जोर दिया कि समाज की उपलब्धियों को केवल अतीत की उपलब्धियों के रूप में याद करना पर्याप्त नहीं है। इन आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और सेवा कार्यों को अधिक संगठित एवं व्यापक बनाना समय की आवश्यकता है।
विवाह योग्य युवक-युवतियों के भविष्य पर गंभीरता से विचार करने की अपील
अशोक मोदी ने विवाह योग्य युवक-युवतियों के विवाह के विषय में समय रहते सकारात्मक पहल करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विवाह दो व्यक्तियों के साथ-साथ दो परिवारों के बीच विश्वास, संस्कार और जिम्मेदारियों का नया अध्याय होता है। इसलिए इस विषय पर परिवारों को संवेदनशीलता, समझदारी और खुले संवाद के साथ विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और जीवन में स्थिरता महत्वपूर्ण हैं, लेकिन विवाह के विषय को अनावश्यक रूप से टालने के बजाय युवाओं की सहमति, पसंद, अनुकूलता और भविष्य को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लेने के प्रयास होने चाहिए। परिवारों के बीच आपसी संवाद बढ़े और युवाओं को अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में उचित भागीदारी मिले, ताकि रिश्तों की नींव विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर मजबूत हो सके।
घटती जन्मदर और बदलते पारिवारिक स्वरूप पर जताई चिंता
समाज में घटती जन्मदर और बदलते पारिवारिक स्वरूप का उल्लेख करते हुए मोदी ने परिवार संस्था को सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि परिवारों का संतुलित विकास, बच्चों का उचित लालन-पालन और भावी पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का निर्माण समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है।
उन्होंने परिवारों से अपनी परिस्थितियों, स्वास्थ्य, आर्थिक क्षमता और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए परिवार विस्तार से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने का आग्रह किया। उनके अनुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए उचित वातावरण देना परिवार और समाज दोनों का दायित्व है।
बेटियों की उच्च शिक्षा से मजबूत होगा समाज, मातृशक्ति की भूमिका अहम
मुख्य अतिथि ने मातृशक्ति की भूमिका को समाज निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में परिवार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विशेष रूप से बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे प्रशासनिक सेवाओं, चिकित्सा, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियां परिवार, समाज और देश की शक्ति हैं। उनके सपनों को प्रोत्साहन देना और उनकी क्षमताओं को आगे बढ़ने का अवसर देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वैवाहिक विवादों में संवाद और समझौते पर जोर, अग्र पंचायत की भूमिका महत्वपूर्ण
अशोक मोदी ने परिवारों में बढ़ते मनमुटाव और वैवाहिक संबंधों में उत्पन्न तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार की खुशहाली आपसी विश्वास, सम्मान और संवाद पर निर्भर करती है। छोटी-छोटी गलतफहमियों को समय रहते बातचीत के माध्यम से दूर करने का प्रयास होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वैवाहिक विवादों की स्थिति में पति-पत्नी और दोनों परिवारों को शांतिपूर्वक एक-दूसरे की बात समझने का अवसर देना चाहिए। जहां संभव हो, वहां समाज के अनुभवी और निष्पक्ष वरिष्ठजनों तथा स्थापित व्यवस्था ‘अग्र पंचायत’ के माध्यम से आपसी सहमति से समाधान खोजा जा सकता है।
उन्होंने अनावश्यक कटुता और विवादों को बढ़ने से रोकने तथा परिवारों में सद्भाव बनाए रखने के लिए सकारात्मक प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों की सुरक्षा, सहमति, कानूनी अधिकारों और न्यायसंगत प्रक्रिया का सम्मान सर्वोपरि रहना चाहिए।
दूसरे समाजों के साथ भी संवाद से सुलझें विवाद, सामाजिक सद्भाव बना रहे
मुख्य अतिथि ने कहा कि सामाजिक जीवन में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उनका समाधान संयम, संवाद और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से तलाशना चाहिए। विभिन्न समाजों और समुदायों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अग्र बंधुओं से अपील की कि जहां संभव हो, वहां आपसी सहमति से समाधान निकाला जाए और आवश्यकता पड़ने पर उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए। समाज की प्रतिष्ठा केवल उसकी आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, एकजुटता, सद्भाव और सकारात्मक योगदान से भी बनती है।
राजनीति और जनप्रतिनिधित्व में बढ़े अग्रवाल समाज की भागीदारी
अशोक मोदी ने अग्रवाल समाज के लोगों से राजनीति एवं जनप्रतिनिधित्व के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा में योगदान देने वाला अग्रवाल समाज लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भी प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने समाज के योग्य, शिक्षित, कर्मठ और जनसेवा के प्रति समर्पित लोगों से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि राजनीति में सहभागिता का उद्देश्य केवल समाज विशेष के हितों तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका व्यापक लक्ष्य जनहित, प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होना चाहिए।

डॉ. रमन सिंह की सामाजिक सहभागिता की सराहना
अपने उद्बोधन में अशोक मोदी ने डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अग्रवाल समाज के कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता और समाज के योगदान की सराहना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग के माध्यम से अग्रवाल समाज के लोगों ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों, रोजगार सृजन और राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि उद्यमी एवं व्यापारी वर्ग प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण भागीदार है। समाज और शासन के बीच सकारात्मक संवाद एवं सहयोग की परंपरा मजबूत होने से विकास और जनकल्याण के कार्यों को नई गति मिल सकती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार, अग्रसेन जयंती पर शासकीय अवकाश की घोषणा को बताया सम्मान का विषय
मुख्य अतिथि अशोक मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने अम्बिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ एवं अग्र अलंकरण समारोह के अवसर पर भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी की जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने की घोषणा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भगवान अग्रसेन जी के आदर्शों और अग्रवाल समाज की गौरवशाली परंपराओं के सम्मान से जुड़ा यह कदम समाज के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। इससे समानता, सामाजिक समरसता, सहयोग और लोककल्याण के उनके संदेश को व्यापक पहचान देने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि समाज के महापुरुषों के आदर्शों को सम्मान देना हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्रदेशभर में सेवा कार्यों को मिले संगठित स्वरूप, जरूरतमंदों तक पहुंचे सहायता
अशोक मोदी ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से प्रदेशव्यापी सेवा कार्यों को अधिक नियमित, व्यवस्थित और व्यापक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना और समाज की समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाना है।
उन्होंने शिक्षा सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, जरूरतमंद परिवारों के सहयोग, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के मार्गदर्शन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पर्यावरण और जीव सेवा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देना चाहिए। भगवान अग्रसेन जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारकर ही सामाजिक एकता, प्रतिष्ठा और जनसेवा की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसमूह, जयघोष और सांस्कृतिक उत्साह ने बांधा समां
मंचीय कार्यक्रम के पश्चात अग्रवाल समाज के पुरुषों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भव्य शोभायात्रा में सहभागिता की। बैंड-बाजे, ढोल, आतिशबाजी, नृत्य और भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी के जयकारों से नगर का वातावरण उत्सवमय हो उठा।
शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दुर्गा पंडाल पहुंची। जगह-जगह धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकजुटता का वातावरण दिखाई दिया। शोभायात्रा ने भगवान अग्रसेन जी के प्रति श्रद्धा के साथ समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया।
दुर्गा पंडाल में अतिथियों के कर-कमलों से गंगा आरती, भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी की आरती, माता दुर्गा जी की आरती और भगवान श्री हनुमान जी की आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
समाज के वरिष्ठजनों और पदाधिकारियों की रही गरिमामय उपस्थिति
समारोह में श्री अग्रवाल सभा, राजनांदगांव के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल, महामंत्री अशोक लोहिया एवं कोषाध्यक्ष राजेश सिंघल सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन उपस्थित रहे। संतोष सिंघल, विमल अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, निकुंज सिंघल, पूर्व अध्यक्ष सुशील पंसारी, हरिनारायण अग्रवाल, शरद अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, संरक्षक निवास अग्रवाल, काशी अग्रवाल, महिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल तथा नवयुवक मंडल अध्यक्ष चैतन्य अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
समारोह का मंच संचालन लक्ष्मण लोहिया एवं कु. नैनी अग्रवाल ने किया। पदाधिकारियों, आयोजन समिति और समाज के सदस्यों के सामूहिक सहयोग से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
आत्मीय स्वागत के लिए अशोक मोदी ने जताया आभार
समारोह के समापन पर अशोक कुमार मोदी ने श्री अग्रवाल सभा, राजनांदगांव के अध्यक्ष, पदाधिकारियों, आयोजन समिति और सभी समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्था, आत्मीय आतिथ्य, अनुशासन और समयबद्ध संचालन की सराहना की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अग्रवाल समाज भविष्य में भी सामाजिक एकता, पारिवारिक सद्भाव, शिक्षा, जनसेवा और राष्ट्रहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।
राजनांदगांव का यह अग्रसेन जयंती समारोह धार्मिक उत्साह के साथ समाज के सामने कई महत्वपूर्ण संदेश छोड़ गया—परिवारों में संवाद और विश्वास मजबूत हो, बेटियों को शिक्षा के अधिक अवसर मिलें, युवाओं के भविष्य को लेकर सकारात्मक पहल हो तथा समाजसेवा का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। भगवान श्री महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प ही इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण प्रेरणा बनकर उभरा।
