फाइलें रोकने और ठेकेदारों से दुर्व्यवहार के आरोप से नगर निगम में हड़कंप! कोरबा जोन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
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नगर निगम के कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के खिलाफ ठेकेदार एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, कलेक्टर सहित छत्तीसगढ़ के मंत्रियों तक पहुंची शिकायत; कार्रवाई नहीं हुई तो निर्माण कार्य बंद करने की चेतावनी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के कामकाज को लेकर एक गंभीर शिकायत सामने आई है। नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन, जिला कोरबा ने कोरबा जोन की कार्यपालन अभियंता रुचि साहू के विरुद्ध ठेकेदारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, भुगतान संबंधी फाइलों को अनावश्यक रूप से रोके रखने और बातचीत के दौरान अमर्यादित व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने इस मामले में कोरबा कलेक्टर सहित छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रियों को शिकायत भेजकर हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली, ठेकेदारों के भुगतान और निर्माण कार्यों की गति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फाइलें क्यों रोकी जा रही हैं, जवाबदेही किसकी?
एसोसिएशन की ओर से दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदारों द्वारा निर्धारित कार्य पूरा कर लेने के बावजूद भुगतान से संबंधित फाइलों को कई दिनों तक रोके रखा जाता है। पत्र के अनुसार, कुछ मामलों में पहले से किए गए अथवा प्रक्रियाधीन भुगतानों की फाइलों का निराकरण भी समय पर नहीं हो रहा है। यदि कार्य पूरा होने और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद भी फाइलें लंबित हैं, तो इसकी वजह क्या है? क्या कोई तकनीकी आपत्ति है, दस्तावेज अधूरे हैं या फिर फाइलों के निराकरण में अनावश्यक देरी हो रही है? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब सामने आना जरूरी है।
निर्माण कार्यों में ठेकेदार अपनी राशि, संसाधन और श्रम लगाते हैं। ऐसे में भुगतान संबंधी प्रक्रिया में देरी होने पर उनकी आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह जांच का विषय है कि संबंधित फाइलें किन कारणों से लंबित हैं, कितने समय से रुकी हुई हैं और उनके निराकरण में जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
दुर्व्यवहार का आरोप, ठेकेदारों ने उठाई सम्मान की मांग
शिकायत पत्र में कार्यपालन अभियंता रुचि साहू पर ठेकेदारों के साथ बातचीत के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक और अमर्यादित व्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि जब ठेकेदार अपनी फाइलों अथवा भुगतान के संबंध में चर्चा करने पहुंचते हैं, तो उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाता। पत्र में ऐसी शिकायतें पहले भी सामने आने का उल्लेख करते हुए अब तक कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कलेक्टर से लेकर मंत्रियों तक पहुंचा मामला
नगर निगम कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कोरबा कलेक्टर से तत्काल संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं होती है, तो छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन तथा नगर पालिक निगम कोरबा कांट्रेक्टर एसोसिएशन आंदोलन करने और निर्माण कार्य बंद करने के लिए बाध्य हो सकते हैं। एसोसिएशन ने ऐसी स्थिति के लिए नगर निगम कोरबा के संबंधित विभाग को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
जांच से ही सामने आएगा फाइलें अटकने का असली कारण
इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर भुगतान से संबंधित फाइलें लंबित रहने की वास्तविक वजह क्या है? क्या देरी किसी तकनीकी या प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण हो रही है, या फिर कहीं अनावश्यक विलंब की स्थिति है? इसका जवाब केवल दस्तावेजों की जांच, फाइलों की समय-सीमा की समीक्षा और संबंधित पक्षों के बयान से ही सामने आ सकता है।
अब निगाहें जिला प्रशासन और नगर निगम के उच्च अधिकारियों पर टिकी हैं। जरूरत है कि शिकायत में उल्लेखित प्रत्येक मामले की जांच हो, लंबित फाइलों की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों के विरुद्ध आचरण प्रमाणित होता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिले।
सवाल साफ है—यदि काम पूरा होने के बाद भुगतान की फाइलें बिना उचित कारण लंबित रखी गई हैं, तो जवाबदेही किसकी होगी? कोरबा के नागरिकों के हित में निर्माण कार्यों की निरंतरता और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस शिकायत का समयबद्ध निराकरण आवश्यक है।
