October 4, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

निहारिका स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स का वीडियो वायरल, इमरजेंसी का हवाला देकर कर्मचारियों ने दी सफाई; खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने नोटिस और कार्रवाई की बात कही — अब पूरे शहर के होटल-रेस्टोरेंट की जांच की उठी मांग

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। जिस होटल में लोग परिवार के साथ बैठकर नाश्ता करते हैं, मिठाइयां खरीदते हैं और भरोसे के साथ खाद्य सामग्री का सेवन करते हैं, वहां यदि बर्तन बाथरूम में धोए जाते दिखाई दें, तो स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। कोरबा के निहारिका क्षेत्र स्थित न्यू दिल्ली स्वीट्स का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी निष्पक्ष जांच के साथ शहर के अन्य होटल, मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट की स्वच्छता व्यवस्था की भी पड़ताल होनी चाहिए।

 

 

बाथरूम में बर्तन धुलने का वीडियो वायरल, व्यवस्था पर उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, न्यू दिल्ली स्वीट्स निहारिका पहुंचे एक ग्राहक ने कथित तौर पर होटल के बर्तनों को बाथरूम में धोए जाने का वीडियो बनाया। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। खाद्य सामग्री परोसने में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों की सफाई आखिर किस स्थान पर और किन परिस्थितियों में की जा रही है, इस सवाल ने ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।

खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता केवल दिखावे का विषय नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है। ऐसे में बर्तनों की सफाई के लिए इस्तेमाल की जा रही जगह, पानी की स्वच्छता और साफ-सफाई की पूरी प्रक्रिया की जांच जरूरी है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर ही खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की जांच से होनी चाहिए।

‘इमरजेंसी थी’—कर्मचारियों की सफाई, लेकिन सवाल बरकरार

वीडियो को लेकर जब होटल कर्मचारियों से सवाल किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर इसे इमरजेंसी की स्थिति बताते हुए कहा कि ऐसी परिस्थिति में बर्तन वहां धुलवाए जा रहे थे। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन-सी आपात स्थिति थी, जिसके चलते बर्तनों की सफाई बाथरूम में करनी पड़ी? क्या प्रतिष्ठान में बर्तन धोने के लिए निर्धारित और स्वच्छ व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी? यदि यह अस्थायी व्यवस्था थी, तो इसकी परिस्थितियों और स्वच्छता मानकों की जांच भी होनी चाहिए।

ग्राहकों का भरोसा केवल स्वाद पर नहीं, बल्कि भोजन तैयार करने और परोसने में बरती जाने वाली स्वच्छता पर भी टिका होता है। किसी भी प्रतिष्ठान में सुविधा या आपात स्थिति का हवाला देकर स्वच्छता संबंधी सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मैनेजर से संपर्क का प्रयास, खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिया संज्ञान

होटल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए मैनेजर मुकेश स्वर्णकार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।

वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत ने मोबाइल पर संपर्क किए जाने पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मिठाई दुकान को नोटिस जारी करने और कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना होगा कि विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

सिर्फ एक दुकान नहीं, पूरे कोरबा में हो स्वच्छता की जांच

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या खाद्य सुरक्षा विभाग केवल वायरल वीडियो सामने आने के बाद ही सक्रिय होगा, या नियमित निरीक्षण के जरिए भी प्रतिष्ठानों की व्यवस्था जांची जाएगी?

कोरबा के सभी होटल, मिठाई दुकान, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में बर्तन धोने की जगह, स्वच्छ पानी, रसोई की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। जहां भी अनियमितताएं मिलें, वहां नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

यह कहना उचित नहीं होगा कि अन्य प्रतिष्ठानों में भी ऐसा हो रहा है, क्योंकि फिलहाल ऐसी कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। लेकिन एक प्रतिष्ठान का वीडियो सामने आने के बाद दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करना एहतियात और जनस्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है।

अब जवाबदेही तय करने की बारी

निहारिका की इस घटना के बाद लोगों की नजर खाद्य सुरक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर है। क्या दुकान का निरीक्षण कर बर्तनों की सफाई की वास्तविक व्यवस्था जांची जाएगी? क्या वायरल वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों की पुष्टि की जाएगी? और क्या पूरे शहर में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन की समीक्षा होगी?

सवाल किसी प्रतिष्ठान को बदनाम करने का नहीं, बल्कि लोगों की सेहत की सुरक्षा का है। यदि जांच में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कोरबा के नागरिकों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि वे जिस दुकान से मिठाई खरीद रहे हैं या जिस होटल में भोजन कर रहे हैं, वहां स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

अब देखना यह है कि वायरल वीडियो पर नोटिस जारी करने की बात कहने वाला विभाग जांच और कार्रवाई को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ाता है। जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में केवल नोटिस नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, स्पष्ट जवाबदेही और पूरे शहर में प्रभावी निरीक्षण की जरूरत है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.