करमडार महोत्सव में गूंजा आदिवासी संस्कृति का गौरव, परंपरा और एकता के रंग में रंगा डिंगापुर
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धनवार समाज ने सहेजी सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत, मांदर की थाप और लोकपरंपराओं ने बांधा समां
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। आदिवासी संस्कृति केवल परंपराओं का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति, समाज और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की जीवंत पहचान है। इसी सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकता की भावना के साथ कोरबा नगर निगम क्षेत्र के डिंगापुर स्थित आरटीओ कार्यालय के पीछे आदिवासी धनवार समाज कल्याण समिति द्वारा करमडार महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन के साथ समाजजनों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।


करमडार महोत्सव में आदिवासी समाज की समृद्ध लोकपरंपराओं, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की जीवंत झलक देखने को मिली। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण के बीच समाज के वरिष्ठजनों, माताओं-बहनों और युवा साथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। आयोजन स्थल पर सांस्कृतिक वातावरण ने हर किसी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का संदेश दिया।
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम
करमडार महोत्सव जैसे आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। आदिवासी धनवार समाज की परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, सामूहिकता और सामाजिक सौहार्द की भावना विशेष रूप से दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से इन्हीं मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में समाजजनों से आत्मीय भेंट करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक एकता और समाज की प्रगति को लेकर विचार साझा किए गए। समाज के लोगों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया और महोत्सव के प्रति अपना उत्साह व्यक्त किया।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संकल्प
महोत्सव ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक दौर में विकास के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आदिवासी धनवार समाज की समृद्ध परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। समाज की एकता, युवा पीढ़ी की भागीदारी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, रुक्मणि नायर, एमआईसी सदस्य ममता यादव, पार्षद आरती लखन सिंह, बलराम विश्वकर्मा, समाज की महिला प्रदेश अध्यक्ष रामप्यारी, जिला अध्यक्ष देवला बाई, अध्यक्ष रामेश्वर धनवार, रमेश सिरका, पुरुषोत्तम धनवार, जिरसाय धनवार, प्रभुवन, रामसिंह धारी, सीता सुनहर, ममता धनवार, रामकुमार, कार्तिकराम धनवार सहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
करमडार महोत्सव ने एक बार फिर यह दिखाया कि जब संस्कृति से समाज जुड़ता है तो परंपरा केवल याद नहीं रहती, बल्कि अगली पीढ़ी तक जीवंत रूप में पहुंचती है। आयोजन में उमड़ा उत्साह आदिवासी धनवार समाज की सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक एकता और अपनी विरासत के प्रति गहरे जुड़ाव का परिचायक रहा।







