वृद्धजनों का सम्मान, हमारी संस्कृति और संस्कार की पहचान
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सेवा संकल्प अभियान के तहत राजीव गांधी ऑडिटोरियम में हुआ वृद्धजन सम्मान समारोह, वरिष्ठजनों के अनुभव और आशीर्वाद को बताया समाज की अमूल्य धरोहर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। सेवा, सम्मान और संवेदना के भाव के साथ अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कोरबा के टी.पी. नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धजन सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की गई।

कार्यक्रम में नगर की महापौर ने वरिष्ठजनों का सम्मान करते हुए कहा कि वृद्धजन केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनका जीवन अनुभव, संघर्ष, संस्कार और मार्गदर्शन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बुजुर्गों के स्नेह और आशीर्वाद से परिवार और समाज की नींव मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, सुरक्षा, बेहतर सुविधाएं और आत्मीय वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आह्वान किया कि बुजुर्गों की भावनाओं को समझें, उन्हें समय दें और उनके जीवन को खुशहाल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष योगेश जैन, कलेक्टर कुणाल दुदावत, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, एसडीएम सरोज महिलागे, समाज कल्याण विभाग के हरीश सक्सेना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, रुक्मणि नायर, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, राजेश राठौर, मनीष मिश्रा, एमआईसी सदस्य धनकुमारी गर्ग, चंद्रकली जायसवाल, प्रेमकुमार साहू, अजय चंद्रा, पार्षद युगल कैवर्त, ईश्वर पटेल, लक्ष्मण श्रीवास, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, नगर निगम उपायुक्त पवन वर्मा एवं सचिव रामेश्वर कंवर सहित जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा कोरबा के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बुजुर्गों का सम्मान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कारों की निरंतर परंपरा है। वरिष्ठजनों के अनुभव और आशीर्वाद को सम्मान देना ही स्वस्थ, संवेदनशील और संस्कारवान समाज की पहचान है।
आपका सम्मान, हमारा संस्कार!







